Hormuz Strait का नाम बदलने की तैयारी? ट्रंप के मजाकिया बयान ने छेड़ी नई बहस, Trump Strait बोलते ही मचा हंगामा

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान वैश्विक राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। मियामी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में होर्मुज स्ट्रेट को “ट्रंप स्ट्रेट” कह दिया, जिसके बाद उनके बयान के राजनीतिक और रणनीतिक मायने निकाले जाने लगे हैं।

मियामी समिट में ट्रंप की टिप्पणी पर छूटी हंसी

मियामी में आयोजित ‘फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव प्रायोरिटी समिट’ में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, ‘ईरान को ट्रंप स्ट्रेट, मेरा मतलब है होर्मुज स्ट्रेट को खोलना होगा.’ उनके इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोग हंस पड़े। इसके बाद ट्रंप ने सफाई देते हुए कहा, “माफ कीजिए, मुझे बेहद अफसोस है. यह एक बड़ी गलती थी. फेक न्यूज वाले कहेंगे कि उन्होंने गलती से ऐसा कह दिया. नहीं मैं कोई गलती नहीं करता या फिर बहुत कम होती है. अगर ऐसा होता तो यह बहुत बड़ी खबर बन जाती.”

मजाक या रणनीतिक संकेत? बढ़ी अटकलें

हालांकि ट्रंप ने यह टिप्पणी हल्के अंदाज में की, लेकिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इसे गंभीर संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। दरअसल, होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है और इसके बाधित होने से दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहरा गया है। तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने से कई देशों में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पर असर पड़ा है और कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

हाल ही में ट्रंप ने यह भी कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट के समाधान के लिए वह अयातुल्ला के साथ मिलकर इसके कंट्रोल को संभाल सकते हैं, जिससे इस क्षेत्र को लेकर नई राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

क्या सच में बदलेगा होर्मुज स्ट्रेट का नाम?

न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण हासिल करने और उसका नाम बदलकर अपने नाम पर या ‘स्ट्रेट ऑफ अमेरिका’ रखने की संभावना पर विचार कर रहे हैं। ऐसे में उनके हालिया मजाकिया बयान को भी इसी संदर्भ में जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस दिशा में कोई पुष्टि नहीं हुई है।

ईरान से बातचीत और सैन्य सफलता का दावा

ईरान के साथ जारी तनाव के बीच ट्रंप ने बातचीत की संभावना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘ईरान कमजोर हो रहा है. अब हम दोनों के बीच बातचीत चल रही है. वे समझौता करना चाहते हैं. हमारा सैन्य बल दुनिया में सबसे ताकतवर है.’

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान के कई शीर्ष नेता मारे जा चुके हैं और देश का नेतृत्व पहले जैसा मजबूत नहीं रहा। उन्होंने अमेरिकी अभियान को सफल बताते हुए कहा, ‘हमने चार हफ्ते पहले जो लक्ष्य तय किए थे, उन्हें तय समय से दो हफ्ते पहले पूरा कर लिया है.’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *