फांसी पर लटका दो: ट्रंप का चीन पर फूटा गुस्सा, फेंटानिल तस्करी करने वालों को मौत की सजा की मांग

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेंटानिल तस्करी को लेकर चीन पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने बुधवार को एक बयान में कहा कि अमेरिका चीन के साथ ऐसा समझौता करना चाहता है, जिसमें फेंटानिल की तस्करी करने वालों को मौत की सजा दी जाए।
उनका कहना है कि जब तक चीन ऐसे लोगों को फांसी नहीं देता, तब तक यह ‘नरसंहार’ रुकने वाला नहीं है।

क्या है फेंटानिल? कैसे बना अमेरिका का सबसे बड़ा दुश्मन

फेंटानिल एक शक्तिशाली सिंथेटिक नशीला पदार्थ है, जो दर्दनिवारक दवा के तौर पर दिया जाता है। यह मॉर्फिन और हेरोइन से भी कई गुना ज्यादा प्रभावशाली होता है।
हालांकि मेडिकल उपयोग सीमित है, लेकिन अवैध रूप से इस्तेमाल किए जाने पर यह खतरनाक साबित होता है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ड्रग अब्यूज के अनुसार, यह लैब में पूरी तरह से बनाया जाता है और थोड़ी सी मात्रा में भी यह ओवरडोज से मौत का कारण बन सकता है।

‘अरबों डॉलर की कीमत चुका रहा चीन’ – ट्रंप

ट्रंप ने कहा कि उनके चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से अच्छे संबंध हैं, लेकिन उन्होंने फेंटानिल के चलते चीन पर 20% टैरिफ लगाया।
उन्होंने साफ किया,

“वे अब अरबों डॉलर चुका रहे हैं। लेकिन अब हम यह तय करने जा रहे हैं कि जो लोग फेंटानिल बनाते हैं और अमेरिका भेजते हैं, उन्हें चीन मौत की सजा दे।”

यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ओपिऑइड संकट से जूझ रहा है, जिसमें 2015 से अब तक करीब 4.5 लाख लोगों की जान जा चुकी है।

ट्रंप ने सख्त कानून पर किए हस्ताक्षर

बुधवार को ट्रंप ने एक नए कानून ‘हाल्ट ऑल लीथल ट्रैफिकिंग ऑफ फेंटानिल एक्ट’ पर दस्तखत किए। इसके तहत फेंटानिल जैसे सभी पदार्थों को अब अमेरिका में सबसे खतरनाक नशीले पदार्थों (‘शेड्यूल I’) की श्रेणी में रखा गया है।
यह वही श्रेणी है जिसमें हेरोइन और एलएसडी जैसी ड्रग्स आती हैं।

चीन का जवाब – ‘हमने कड़ा एक्शन लिया है’

चीन ने अमेरिका के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। बीजिंग का कहना है कि उसने फेंटानिल बनाने वाले कई रसायनों पर प्रतिबंध लगाया है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2025 की पहली छमाही में चीन ने 1300 से ज्यादा ड्रग केस दर्ज किए, 700 से अधिक गिरफ्तारियां कीं और 2 टन से अधिक नशीले पदार्थ जब्त किए।
साथ ही, 262 संदिग्धों को भी पकड़ा गया है।

क्या शी जिनपिंग मानेंगे ट्रंप की सजा की मांग?

हालांकि अमेरिका को चीन के कदम नाकाफी लग रहे हैं। ट्रंप की मांग ने द्विपक्षीय संबंधों में नया तनाव पैदा कर दिया है। अब देखना होगा कि चीन फेंटानिल तस्करी पर अमेरिका की शर्तों को मानता है या कूटनीतिक मोर्चे पर नई खींचतान शुरू होती है।

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