
हरियाणा के नूंह में जलाभिषेक यात्रा पर हमले के बाद भड़की हिंसा के बाद पुलिस खासी सतर्कता बरत रही है। हालांकि जलाभिषेक यात्रा को रोके जाने के कुछ हफ्ते बाद एकबार फिर इलाके में तनाव बढ़ता नजर आ रहा है।
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने शनिवार को ऐलान किया कि 28 अगस्त को इलाके में ‘शोभा यात्रा’ निकाली जाएगी। विहिप ने साफ कर दिया कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों के लिए प्रशासन से अनुमति लेने की कोई जरूरत नहीं है। हालांकि विहिप का कहना है कि वह प्रशासन को ‘शोभा यात्रा’ के बारे में सूचित करेगा।
हालांकि विहिप के इस ऐलान से पहले ही पुलिस ने एक प्रेस कांफ्रेस कर के साफ कर दिया कि उसने किसी भी यात्रा को मंजूरी नहीं दी है। वह ऐसे किसी भी आयोजन को नहीं होने देगी। पुलिस ने कहा था कि उसे तगड़े इनपुट मिले हैं कि कुछ हिंदूवादी संगठन 28 अगस्त को इलाके में अधूरी रही गई शोभा यात्रा को दोबारा निकालने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए इन संगठनों की ओर से लोगों को जमा होने की अपील की गई है। आखिरकार शाम तक पुलिस की आशंका सही साबित हुई और विश्व हिंदू परिषद का बयान सामने आ गया।
विहिप के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने शनिवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यात्रा विहिप नहीं बल्कि मेवात के सर्व हिंदू समाज द्वारा निकाली जाएगी। हालांकि विहिप ने यह भी कहा कि हम आगामी जी-20 कार्यक्रम को प्रभावित नहीं करना चाहते हैं। हम प्रस्तावित यात्रा के स्वरूप और आकार पर पुलिस के साथ चर्चा के लिए तैयार है। वहीं हरियाणा पुलिस अलर्ट मोड पर है। प्रशासन ने जुलूस के आह्वान को देखते हुए शनिवार को नूंह जिले में 28 अगस्त तक मोबाइल इंटरनेट और एक साथ कई एसएमएस भेजने संबंधी सेवाओं को निलंबित करने का आदेश दिया।
विहिप के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा- सर्व हिंदू समाज ने यात्रा निकालने और संपन्न कराने का निर्णय लिया है। हम किसी भी तरह से जी-20 के आयोजन पर कोई आंच नहीं आने देना चाहते हैं। हम 28 अगस्त को निकलने वाली यात्रा के आकार और स्वरूप को लेकर प्रशासन से चर्चा करने को तैयार हैं। हरियाणा के अन्य क्षेत्रों के लोगों से भी अपील की कि वे अपने-अपने इलाकों में इसी तरह की यात्राएं निकालें और मेवात में निकाले जानी वाली यात्रा में शामिल ना हों। हमारी अपील है कि मेवात के बाहर से कोई भी 28 अगस्त को यात्रा में शामिल ना हो।
सुरेंद्र जैन ने कहा- विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार संगठन के अन्य लोगों के साथ यात्रा में शामिल होंगे। संत समिति के अध्यक्ष स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती और अन्य साधु-संत यात्रा का नेतृत्व करेंगे। यह निर्णय लिया गया है कि मेवात का सर्व हिंदू समाज निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 28 अगस्त को जलाभिषेक यात्रा निकालेगा। ऐसी धार्मिक यात्रा निकालने के लिए प्रशासन की पूर्व अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही सुरेंद्र जैन ने सवाल किया क्या कोई कांवड़ यात्रा या मुहर्रम जुलूस के लिए अनुमति लेता है…
सुरेंद्र जैन ने कहा- प्रशासन को केवल ऐसे आयोजनों के बारे में सूचित किया जाता है इसलिए जलाभिषेक यात्रा के बारे में भी प्रशासन को सूचित कर दिया जाएगा। खाप पंचायत नेता अरुण जेलदार ने संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के नेताओं ने 18 अगस्त को इस मामले पर चर्चा की थी और यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा करने में अपना सहयोग देने की पेशकश की। सनद रहे हाल ही में अधिकारियों ने 28 अगस्त को धार्मिक यात्रा आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
खाप पंचायत नेता अरुण जेलदार ने संवाददाताओं से कहा- उन्होंने (दूसरे पक्ष ने) बैठक में कहा था कि पिछली बार जो कुछ हुआ वह नहीं होना चाहिए था। ऐसी चीजें कभी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने शांतिपूर्ण यात्रा निकालने में अपना सहयोग देने की पेशकश की है। उन्होंने यात्रा मार्ग पर फूल बरसाने की बात भी कही है। सनद रहे विहिप की 31 जुलाई को जलाभिषेक यात्रा पर भीड़ ने हमला कर दिया था। इसके बाद नूंह और उसके आसपास के इलाकों में हिंसा भड़क गई थी जिसमें दो होमगार्ड और एक इमाम समेत छह लोग मारे गए थे।
वहीं यात्रा के ऐलान को देखते हुए पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने शनिवार को वीडियो-कॉन्फ्रेंस के जरिये सीमावर्ती राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की और स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सहयोग मांगा। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने 3-7 सितंबर के दौरान नूंह में होने वाली जी-20 शेरपा समूह की बैठक और 31 जुलाई की हिंसा के मद्देनजर कानून व्यवस्था बनाए रखने लिए यात्रा की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। नूंह जिले में 28 अगस्त तक इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। प्रशासन ने धारा 144 के तहत पाबंदिया लगा दी हैं।