भोपाल: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में आयोजित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER) के 12वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए भारत की प्राचीन तकनीकी क्षमता को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही उन्नत विज्ञान और तकनीक वाला देश रहा है।
क्या बोले शिवराज सिंह चौहान?
शिवराज सिंह ने कहा, “भारत आज का राष्ट्र नहीं है। जब दुनिया अज्ञान के अंधकार में थी, तब भारत ने वेदों के माध्यम से ज्ञान का प्रकाश दिया। जब राइट ब्रदर्स का नामोनिशान नहीं था, तब भारत के पास पुष्पक विमान था। महाभारत में अग्निअस्त्र, वरुणास्त्र और ब्रह्मास्त्र जैसे हथियार थे, जो लक्ष्य साधकर वापस आते थे। आज की मिसाइल और ड्रोन तकनीक जैसी चीजें हम पहले ही कर चुके हैं।”
उन्होंने महाभारत काल में मौजूद तकनीकी ज्ञान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का विज्ञान सदियों से समृद्ध रहा है।
“मैं यहां मामा बनकर आया हूं”
समारोह के दौरान चेयरपर्सन प्रो. अरविंद आनंद ने जब शिवराज सिंह को केंद्रीय मंत्री के रूप में संबोधित किया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं यहां मंत्री बनकर नहीं, मामा बनकर आया हूं।” इसके बाद उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए भारत की प्राचीन उन्नत तकनीक और युवाओं की भूमिका पर अपने विचार रखे।
युवाओं से ब्रेन ड्रेन रोकने की अपील
शिवराज सिंह ने छात्रों से आग्रह किया कि वे विदेश जाकर काम करने के बजाय भारत में ही अवसर तलाशें। उन्होंने कहा, “अमेरिका को अमेरिका बनाने वाले अमेरिकी नहीं, बल्कि भारतीय हैं।” उन्होंने बताया कि सिलिकॉन वैली जैसे बड़े टेक हब में बड़ी संख्या में भारतीय काम कर रहे हैं।
युवाओं को भारत में ही अवसर तलाशने की सलाह
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की ताकत यहां के युवा हैं। उन्होंने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि देश को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने के लिए जरूरी है कि भारत के होनहार युवा यहीं रहकर अपनी ऊर्जा और कौशल का इस्तेमाल करें।
अनुराग ठाकुर का हनुमान को पहला अंतरिक्ष यात्री बताने वाला बयान
इससे पहले बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक कार्यक्रम में कहा था कि उनकी नजर में अंतरिक्ष की पहली यात्रा भगवान हनुमान ने की थी। उन्होंने बच्चों से बातचीत के दौरान यह बयान दिया था, जो काफी चर्चा में रहा।