
मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को कृषि मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। शिवराज के पास दो मंत्रालयों की जिम्मेदारी रहेगी। वह ग्रामीण विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया को संचार मंत्रालय दिया गया है। वह पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय का कार्यभार भी संभालेंगे। पिछले साल 5वीं बार मुख्यमंत्री बनने से वंचित होने के बाद छठी बार विदिशा लोकसभा सीट पर जीत दर्ज करने वाले शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को पहली बार केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ ली।कृषि मंत्रालय की कमान मिलने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। सनद रहे चुनावी अभियान शुरू होने से पहले ही पीएम मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि वह शिवराज को केंद्र में ले जाना चाहते हैं। अब पीएम मोदी ने शिवराज सिंह चौहान को अपनी कैबिनेट में महत्वपूर्ण मंत्रालय दिया है। माना जा रहा है कि शासन में शिवराज सिंह चौहान के लंबे अनुभव का लाभ सरकार को मिलेगा। इससे सरकार को कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान करने में मदद मिलेगी।’मामाजी’ के नाम से मशहूर शिवराज सिंह चौहान अपने विनम्र एवं मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। शिवराज भाजपा के उन चंद नेताओं में शामिल हैं जिन्हें लंबे समय तक प्रदेश को चलाने का प्रशासनिक कौशल रहा है। शिवराज अपनी सादगी के लिए भी जाने जाते है। विदिशा में अक्सर पैदल चलने के कारण लोग उन्हें ‘पांव-पांव वाले भैया’ के नाम से भी जानते हैं। शिवराज सिंह चौहान को ‘लाडली बहना’ जैसी लोकप्रिय योजना को लाने का भी श्रेय जाता है।शिवराज सिंह चौहान की पहचान सफल प्रशासक के साथ विनम्र एवं मिलनसार नेता की रही है। वह 29 नवंबर 2005 को पहली बार एमपी के सीएम बने थे। उनकी अगुवाई में भाजपा ने 2008 और 2013 के विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीत दर्ज की थी। वह 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी का सीएम चेहरा थे। हालांकि इस चुनाव में भाजपा को बहुमत नहीं मिला था। इसके बाद कमलनाथ की सरकार बनी लेकिन सिंधिया के भाजपा में आने से यह सरकार गिर गई थी। फिर शिवराज ने अपनी सरकार बनाई थी।