नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने अपनी ही पार्टी से नाराजगी और भविष्य को लेकर चल रही तमाम अटकलों को खारिज करते हुए एक बड़ा बयान दिया है. शुक्रवार (30 जनवरी, 2026) को थरूर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें देश में सांप्रदायिकता के खिलाफ ‘सबसे मुखर और ईमानदार आवाज’ बताया. थरूर का यह बयान दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात के बाद आया है, जिससे साफ हो गया है कि वे कांग्रेस छोड़कर कहीं नहीं जा रहे हैं.
‘राहुल और खरगे मेरे दो नेता, हम साथ हैं’
कोच्चि महापंचायत के बाद उठी बगावत की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए थरूर ने पार्टी में एकता का संदेश दिया. उन्होंने स्पष्ट किया, “राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे मेरे दो नेता हैं. कांग्रेस पार्टी में हम सभी सहकर्मी एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं. हम सभी एक साथ मिलकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.” उन्होंने कहा कि वे सभी मुद्दों पर सौहार्दपूर्ण चर्चा के पक्षधर हैं और पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक है.
केरल चुनाव के लिए तैयार किया ‘मेगा प्लान’
केरल में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए शशि थरूर ने अपनी कमर कस ली है. उनका लक्ष्य पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली एलडीएफ (LDF) सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकना है. अपनी चुनावी रणनीति का खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि वे राज्य की सभी 140 विधानसभा सीटों पर फोकस कर रहे हैं.
’56 नहीं, अब पूरे राज्य में करूंगा प्रचार’
थरूर ने कहा कि लोग अक्सर यह भूल जाते हैं कि पिछले चुनावों में उन्होंने 56 विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार किया था. लेकिन इस बार यह आंकड़ा और बढ़ेगा. उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि इस बार इस लिस्ट में कुछ और विधानसभा क्षेत्रों के नाम शामिल हो जाएंगे. यह बहुत जरूरी है कि हम मतदाताओं तक उचित संदेश पहुंचाएं.” थरूर का यह आक्रामक रुख बताता है कि कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें केरल चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी सौंपने का मन बना लिया है.