दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हादसे वाली इमारत में चल रहे PG के संचालक सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब उससे PG की देखरेख, संचालन की जिम्मेदारी और मकान मालिक से जुड़े सवालों पर पूछताछ कर रही है। गिरफ्तारी के बाद सुधांशु से लगातार पूछताछ जारी है और कुछ देर बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
‘Hostel Daze’ के नाम से चल रहा था PG, एक पार्टनर फरार
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, महेश ने अगस्त 2025 में बिल्डिंग को अपने दो बिजनेस पार्टनर्स शुभम त्यागी और सुधांशु को लीज पर दिया था। दोनों ने लीज पर ली गई इस इमारत में ‘Hostel Daze’ के नाम से PG का संचालन शुरू किया था। पुलिस के मुताबिक, मामले में शुभम त्यागी फिलहाल फरार बताया जा रहा है, जबकि सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया गया है।
महेश की पुलिस कस्टडी भी आज होगी खत्म
मामले के आरोपियों में शामिल महेश की दो दिन की पुलिस कस्टडी आज समाप्त हो रही है। उसे साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन से कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाया गया है। महेश के अलावा एक बिल्डिंग कॉन्ट्रैक्टर और एक राजमिस्त्री को भी कोर्ट में पेश किया जा रहा है। पुलिस इन सभी से हादसे से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को लेकर पूछताछ कर रही है।
बुलडोजर से नहीं, हथौड़े और औजारों से हटाई जा रही जर्जर बिल्डिंग
सत्य निकेतन में जिस इमारत में दरारें आने के बाद उसे हटाने का फैसला लिया गया था, वहां अब कार्रवाई शुरू हो गई है। इमारत से पूरा सामान बाहर निकाल लिया गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास की 5-6 इमारतों को भी खाली करा दिया गया है।
जर्जर इमारत को गिराने के लिए फिलहाल बुलडोजर या भारी मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। कमजोर ढांचे को हथौड़े और अन्य जरूरी औजारों की मदद से तोड़ा जा रहा है, ताकि आसपास की इमारतों पर किसी तरह का अतिरिक्त खतरा न हो।
मौके पर MCD की टीम मौजूद है और गिरी हुई इमारत के बगल में स्थित कमजोर बिल्डिंग को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए घटनास्थल पर भारी संख्या में सुरक्षा बल भी तैनात किया गया है।