कांग्रेस को मिली बूस्टर डोज

मोदी उपनाम को गलत तरीके से उपयोग करने के आरोप में राहुल गांधी को हुई सजा पर सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है। इससे उनकी संसद सदस्यता बहाल होने का रास्ता भी खुल गया है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र और सत्य की जीत बताया है। राहुल गांधी की सजा पर रोक लगने से कांग्रेस को सरकार पर हमलावर होने का अवसर मिला है, जो पहले ही मणिपुर के मुद्दे पर सरकार को हर तरफ से घेरे हुए थी। सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्णय से भाजपा को तगड़ा झटका लगा है।दरअसल, यदि राहुल को हुई दो साल की सजा लागू हो जाती तो उनके छह साल तक चुनाव लड़ने पर भी रोक लग जाती। इससे वे 2024 के साथ-साथ 2029 के लोकसभा चुनाव में भी हिस्सा न ले पाते। इससे कांग्रेस की संभावनाओं को गहरा झटका लग सकता था। कांग्रेस के साथ यह इंडिया गठबंधन को भी नुकसान पहुंचाता, जो कांग्रेस और राहुल गांधी के इर्दगिर्द पीएम नरेंद्र मोदी को घेरने की तैयारी कर रहा है। राहुल गांधी के जेल जाने से विपक्ष का हमलावर रुख भी कमजोर पड़ सकता था। इस संदर्भ में राहुल गांधी की सजा पर रोक कांग्रेस के साथ साथ पूरे विपक्ष के लिए बूस्टर डोज की तरह काम करेगा।रही बात रोल की संसद सदस्य्ता की तो कि सजा पर रोक का मतलब है कि अब राहुल गांधी की सदस्यता बहाल हो जाएगी। नियम यही कहता है भले ही ये अंतरिम रोक क्यों न हो। इससे पहले भी ऐसा हो चुका है जब किसी सांसद को निचली अदालत से सुनाई गई सजा की वजह से उनकी सदस्यता गई, लेकिन ऊपरी अदालतों के आदेश के बाद उनकी सदस्यता बहाल हो गई। ‘सुप्रीम कोर्ट के अनेक फैसलों पर मीडिया रिपोर्ट के आधार पर ही सरकारें कार्रवाई कर देती हैं। लेकिन इस मामले में सरकार और लोकसभा स्पीकर आदेश की सर्टिफाईड कॉपी का इंतजार कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार लोकसभा सचिवालय अधिसूचना जारी करेगा उसके बाद ही राहुल गांधी की सदस्यता बहाल हो पाएगी। ज्ञात हो की इसके पहले लक्षद्वीप के सांसद मोहम्मद फैजल के मामले में केरल हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद चुनाव आयोग ने उनकी सीट पर उपचुनाव कराने का ऐलान कर दिया था। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लोकसभा सचिवालय ने फैजल की सदस्यता बहाल करने की नोटिफिकेशन जारी किया था। संविधान के अनुच्छेद-141 के तहत सुप्रीम कोर्ट के आदेश सभी अदालतों और सरकारों के लिए सर्वोपरि होते हैं। इसलिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार लोकसभा की नोटिफिकेशन के अनुसार राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल हो जायेगी। लेकिन, उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले में अंतिम फैसले के अनुसार ही सजा या दोषमुक्ति का निर्धारण होगा।’मगर ध्यान रहे सुप्रीम कोर्ट की ओर से राहुल को मिली राहत फौरी है। कोर्ट ने मामले को खारिज नहीं किया गया, बल्कि सजा पर रोक लगाई है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। अगर सुप्रीम कोर्ट भी राहुल को इस मामले में दो साल की सजा सुनाता है तो राहुल चुनाव लड़ने से अयोग्य हो जाएंगे। वहीं, कोर्ट से बरी होने या दो साल से कम सजा मिलने पर राहुल चुनाव लड़ सकेंगे। हालांकि, ये फैसला कब तक आएगा ये देखना होगा। ऐसा भी हो सकता है कि कोर्ट का फैसला 2024 के चुनाव के बाद आए। ऐसे में राहुल 2024 का चुनाव लड़ सकते हैं।

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