
आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच करने वाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम मंगलवार शाम आईएसआईएस से जुड़े दो संदिग्ध आतंकियों को लेकर संभल पहुंची। एनआईए की टीम ने क्षेत्र में कई जगह छापेमारी कर संदिग्धों के संपर्क में रहने वालों की जानकारी ली।
इस दौरान टीम ने दो लोगों को हिरासत में भी लिया है। टीम इन संदिग्धों के संभल में आतंकी नेटवर्क तैयार करने समेत कई जानकारी के लिए पूछताछ कर रही है।
एनआईए टीम मंगलवार शाम को संभल पहुंची और कई घंटे तक छापेमारी की। देर रात तक टीम संभल में डेरा जमाए रही। टीम एसआइएस संगठन के दो संदिग्ध आतंकियों को साथ में लेकर आई है। टीम को उनके संभल में कनेक्शन होने की जानकारी मिली। जिसको लेकर टीम ने कई स्थानों पर छापेमारी की और लोगों से पूछताछ भी की। इस दौरान एक वरिष्ठ समाजसेवी के परिवार से एक सदस्य को तथा एक अन्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
बताया जा रहा है कि संदिग्ध आतंकियों ने संभल में कुछ समय बिताया था और यहां अपने नेटवर्क को फैलाने की तैयारी कर रहे थे। एनआईए टीम अब यह जांच कर रही है कि ये संदिग्ध किन-किन जगहों पर रहे और उनके संपर्क में कौन-कौन लोग आए। छापेमारी के दौरान प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे।
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई के अनुसार एनआईए की टीम आईएसआइएस के संदिग्धों को लेकर आई है। टीम यह सत्यापन कर रही है कि वे कहां-कहां रहे और उनके संपर्क में कौन-कौन लोग रहे। एनआईए की जांच में स्थानीय पुलिस पूरी मदद कर रही है।
संभल का पुराना आतंकी कनेक्शन
संभल। संभल का नाम पहले भी आतंकी गतिविधियों से जुड़ चुका है। लगभग ढाई दशक पहले युवा भटके और दीपा सराय निवासी मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू तो अलकायदा का दक्षिण एशिया चीफ तक बन गया। उसे अमेरिका की वैश्विक आतंकियों की सूची में भी शामिल किया गया। अफगानिस्तान में मिसाइल हमले में वर्ष 2019 में मारा गया जबकि लापता हुए तीन का अभी तक पता नहीं लगा है।
वर्ष 2023 में भी जिले से चार युवकों को आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने के शक में गिरफ्तार किया गया। दीपा सराय निवासी शरजील और सईद अख्तर भी करीब दो दशक पहले लापता हुए। वर्ष 2005 में दिल्ली से आई खुफिया एजेंसी की टीम ने सईद के आतंकी संगठन से जुड़े होने की जानकारी परिवार को दी।
शरजील के आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की बात दिल्ली पुलिस कहती है लेकिन शरजील और सईद अख्तर कहां हैं, इसके बारे में किसी को जानकारी नहीं है। संभल के दीपा सराय निवासी जफर मसूद को भी वर्ष 2015 में आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने के शक में गिरफ्तार किया गया था।