
यूपी के गोरखपुर में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचआई) के परियोजना निदेशक के निजी सहायक विजेंद्र सिंह को सीबीआई ने 50 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ दबोच लिया। इसके बाद सीबीआई टीम उसे लेकर लखनऊ रवाना हो गई।निजी सहायक ने पेट्रोल पंप की एनओसी दिलाने के बदले डेढ़ लाख रुपये घूस मांगी थी।कुशीनगर जिले के तमकुहीराज के रहने वाले धनंजय राय को तमकुहीराज में जुलाई-23 में पेट्रोल पंप आवंटित हुआ है। हाईवे पर पम्प लगाने से पहले एनएचआई सहित 17 विभागों से एनओसी लेनी होती है। उन्होंने बीते सितम्बर में एनओसी के लिए आवेदन किया था। नवंबर-23 तक सभी दस्तावेज जमा कर दिए। जनवरी-24 तक 16 विभागों से उन्हें एनओसी मिल गई लेकिन एनएचआई में आवेदन अटका रहा। धनंजय ने जानकारी की तो पता चला कि उनकी फाइल परियोजना निदेशक के निजी सहायक के पास है। निजी सहायक विजेंद्र से मुलाकात की तो उसने एनओसी के बदले डेढ़ लाख रुपये मांगे। सभी दस्तावेज और मानक पूरा होने के नाते धनंजय ने घूस देने से मना कर दिया, इससे एनओसी नहीं मिल रही थी।
धनंजय ने एक जुलाई को सीबीआई लखनऊ यूनिट की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा में मामले की शिकायत की। सीबीआई टीम के प्लान के मुताबिक धनंजय तीन जुलाई को विजेंद्र सिंह को रुपये देने के लिए एनएचआई आफिस पहुंचे। उन्होंने संपर्क किया तो विजेंद्र ने कार्यालय में अंदर बुला लिया। धनंजय ने विजेंद्र को 50 हजार रुपये दिए और बाकी एक लाख रुपये बाद में देने की बात कही। रुपये देकर धनंजय जैसे ही आफिस से बाहर निकले, वहां मौजूद सीबीआई टीम अंदर घुस गई और विजेन्द्र को पकड़ लिया। उसके पास से घूस की रकम बरामद हुई। टीम ने इस दौरान निजी सहायक के पास से अन्य दस्तावेजों को कब्जे में लिया। टीम ऑफिस में पूछताछ के बाद निजी सहायक को सहारा स्टेट स्थित उसके आवास पर ले गई। यहां वह अकेले रहता था। टीम ने रुपये के अलावा एक डायरी बरामद की है। जिसमें पूर्व अधिकारियों सहित कई लोगों का नाम दर्ज होने की बात कही जा रही है।