बदले जाएंगे राम मंदिर के प्रथम तल पर लगे पत्थर, आखिर क्यों लिया गया ये फैसला?

राम नगरी अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. प्रथम तल का निर्माण कार्य संपन्न हो जाने के बाद इस समय दूसरे तल का निर्माण कार्य चल रहा है. हालांकि प्रथम तल पर लगाए गए कुछ पत्थर बदले जाएंगे.

इसकी जानकारी निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने दी. उन्होंने बताया कि प्रथम तल पर कुछ पत्थर ऐसे लग गए हैं, जिनकी मोटाई कम है और गुणवत्ता भी ठीक नहीं है. ये पुराने पत्थर हैं. इन पत्थरों को निकालकर इनके स्थान पर मकराना के पत्थर लगाए जाएंगे.

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा हर महीने अयोध्या में बैठक करते हैं. वह राम जन्मभूमि पर चल रहे मंदिर निर्माण कार्य की समीक्षा करते हैं. इस समय भी वह अयोध्या आए हुए हैं और राम मंदिर निर्माण कार्य में लगी कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं. गुरुवार को नृपेंद्र मिश्रा ने राम मंदिर के निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया.

पुराने पत्थर हटाकर मकराना के पत्थर लगाए जाएंगे

निर्माण समिति के सदस्यों के द्वारा यह पाया गया कि मंदिर के प्रथम तल पर कुछ पत्थर लगाए गए हैं, जिनकी मोटाई कम है और वो पत्थर कमजोर हैं, जिसको लेकर निर्माण समिति के द्वारा उन पत्थरों को बदलने का निर्देश दिया गया. इसको लेकर राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि हम लोगों ने देखा कि प्रथम तल पर कुछ जगहों पर पत्थर कमजोर थे. ये पुराने पत्थर थे. पत्थरों की मोटाई भी वो मोटाई नहीं है, जो होनी चाहिए. अब इन पत्थरों को हटाकर मकराना के पत्थर लगाए जाएंगे.

मंदिर परिसर में बन रहा सप्त ऋषि मंदिर

नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि मंदिर परिसर में सप्त ऋषि मंदिर बनाए जा रहे हैं. राम मंदिर के पहले महर्षि वाल्मीकि का मंदिर होगा. प्रवेश करते ही श्रद्धालु महर्षि वाल्मीकि का दर्शन करेंगे. महर्षि वाल्मीकि मंदिर के ठीक सामने सातवां मंदिर अगस्त्य मुनि का होगा. सप्त मंदिर के बीच एक छोटा सा सरोवर बनाया जाएगा. सरोवर में आचमन कर श्रद्धालु सप्त मंदिर के दर्शन कर सकेंगे.

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