अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर सियासत लगातार तेज होती जा रही है। इस मुद्दे पर विपक्ष केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को घेरने में जुटा है। अब कर्नाटक सरकार में मंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कई सवाल उठाए हैं।
PM मोदी से पूछा- ‘मन की बात’ कब करेंगे?
शनिवार (27 जून) को बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रियांक खरगे ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि राम मंदिर में हुई कथित चढ़ावा चोरी के मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपनी बात रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “तो प्रधानमंत्री इस पर ‘मन की बात’ कब करेंगे? प्राण प्रतिष्ठा प्रधानमंत्री ने की, उद्घाटन प्रधानमंत्री ने किया. अब प्रधानमंत्री की आवाज कहां है?”
CM योगी पर भी साधा निशाना
प्रियांक खरगे ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने राम भक्तों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं करने की बात कही थी, लेकिन अब सवाल यह है कि आखिर भावनाओं के साथ खिलवाड़ किसने किया।
उन्होंने कहा, “योगी आदित्यनाथ की आवाज कहां है? मैंने कल उनका बयान सुना, वे कह रहे हैं कि राम भक्तों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ न करें, तो भावनाओं के साथ खिलवाड़ किसने किया?”
इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या कांग्रेस, सपा या इनमें से किसी पार्टी के नेता इसमें शामिल थे? नहीं. देखिए, आपके लोग ही इसमें शामिल थे.”
‘लोगों की आस्था की रक्षा करने में नाकाम रही सरकार’
कांग्रेस नेता ने बीजेपी पर लोगों की धार्मिक आस्था की सुरक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह पिछले दो सप्ताह से इस मुद्दे को उठा रहे हैं और उनके मुताबिक राम के नाम पर लोगों की भावनाओं का इस्तेमाल किया गया है।
प्रियांक खरगे ने कहा, “आप लोगों की आस्था की रक्षा करने में नाकाम रहे हैं.” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों से किसी सकारात्मक कार्य की उम्मीद नहीं की जा सकती।
चढ़ावा चोरी मामले में अब तक 8 गिरफ्तार
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले में जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। अब तक इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
वहीं, नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा अपने-अपने पद छोड़ चुके हैं। मामले की जांच अभी भी जारी है और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।