लोकसभा में सोमवार (18 अगस्त, 2025) को भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन यात्रा और उनकी वापसी पर विशेष चर्चा होनी थी। लेकिन विपक्षी दलों के हंगामे की वजह से यह चर्चा पूरी नहीं हो सकी और सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
राजनाथ सिंह ने जताई नाराजगी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष के रवैये पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा –
“यह चर्चा राष्ट्रीय उपलब्धि, देश के सम्मान और भविष्य की वैज्ञानिक व सुरक्षा संभावनाओं से जुड़ी थी। जिस तरह विपक्ष ने बाधा डाली और सदन को चलने नहीं दिया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निराशाजनक है।”
उन्होंने आगे कहा कि अंतरिक्ष जैसे अहम विषय को कम से कम दलगत राजनीति से ऊपर रखकर देखा जाना चाहिए था।
जितेंद्र सिंह का विपक्ष पर तंज
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने चर्चा की शुरुआत करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा –
“जब देश अंतरिक्ष की उपलब्धियों का उत्सव मना रहा है, विपक्ष हमारे वैज्ञानिकों को बधाई देने के लिए भी तैयार नहीं है। आप धरती से नाराज हैं, आकाश से नाराज हैं और आज तो अंतरिक्ष से भी नाराज दिखते हैं।”
जितेंद्र सिंह ने बताया कि शुभांशु शुक्ला केवल एक अंतरिक्ष यात्री नहीं, बल्कि एक अनुशासित सैनिक भी हैं। उन्होंने कहा कि भारत की उपलब्धियों के सामने आज पूरी दुनिया सिर झुका रही है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र
जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान स्पेस टेक्नोलॉजी की जो अहम भूमिका रही थी, वह मोदी सरकार के बीते 10 सालों में संभव हुई तकनीक का ही परिणाम है। लेकिन जैसे ही इस पर विस्तार से चर्चा का समय आया, विपक्षी हंगामा और बढ़ गया और लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
राजनाथ सिंह का दोहराया बयान
लोकसभा स्थगित होने के बाद रक्षा मंत्री ने दोबारा नाराजगी जाहिर करते हुए कहा –
“भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन और इसरो मिशन पायलट शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा देश के लिए गौरव का क्षण है। विपक्ष इस पर चर्चा में भाग लेकर रचनात्मक सुझाव दे सकता था, लेकिन उनकी राजनीति ने इसे भी प्रभावित किया।”