
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर सोमवार को सदन में जमकर बरसे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा हिंसा और नफरत फैला रही है। पिछले 10 वर्षों से संविधान और भारत की अवधारणा पर सुनियोजित ढंग से हमला किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘आज सुबह मैं आया। राजनाथ सिंह ने मुस्कुराकर मुझे नमस्ते किया। पीएम मोदी बैठे रहे, कोई मुस्कुराहट नहीं… सीरियस। नमस्ते भी नहीं करते कि कहीं मोदी जी ना देख लें, नहीं तो प्रॉब्लम हो जाएगी। यही कहानी नितिन गडकरी की भी है।’ इस बीच विपक्ष की ओर से शोर हुआ तो राहुल ने कहा कि अयोध्या को छोड़िए ये तो बीजेपी वालों को भी डराते हैं।
इस बीच, पीएम मोदी खड़े हुए और कहा कि लोकतंत्र ने यह सिखाया है कि मुझे विपक्ष के नेता को गंभीरता से लेना चाहिए। यह सुनकर सत्ता पक्ष के नेता हंसने लगे। इसके बाद राहुल गांधी उठे और भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र किया। उन्होंने भाजपा पर देशभर में डर का माहौल पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान एक महिला मेरे पास आई और कहा कि ‘मुझे मार रहा है। मैंने पूछा कि कौन मार रहा है। इस पर उसने कहा कि मेरा पति मार रहा है। क्योंकि महंगाई की वजह से मैं खाना नहीं खरीद पाई। उसने कहा कि महंगाई कि वजह से हजारों महिलाओं को पीटा जा रहा है।’
मेरे खिलाफ 20 से अधिक मामले दर्ज किए, बोले राहुल गांधी
राहुल गांधी ने आगे कहा, ‘मुझ पर हमला किया गया। सरकार, प्रधानमंत्री के आदेश पर मेरे खिलाफ 20 से अधिक मामले दर्ज किए गए। 2 साल की सजा दी गई… मुझसे 55 घंटे तक पूछताछ की गई। मैं भाजपा और आरएसएस को बताना चाहता हूं कि हमने किन विचारों का उपयोग भारत की अवधारणा की रक्षा करने के लिए किया है।’ उन्होंने सदन में भगवान शंकर का चित्र दिखाया और कहा कि शिवजी कहते हैं कि ‘डरो मत, डराओ मत।’ उन्होंने कहा कि संविधान और भाजपा के विचारों का विरोध करने वाले करोड़ों लोगों पर हमला किया गया है। कई लोगों पर निजी तौर पर हमला किया गया। कई नेताओं को जेल में डाला गया।