पैलेट गन से घायल छात्र साहिल लोचब के मामले में दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे न्याय की दिशा में पहला कदम बताया। राहुल गांधी ने दावा किया कि उनके धरने के करीब सात घंटे बाद यह एफआईआर दर्ज की गई। वह साहिल लोचब के साथ संसद मार्ग स्थित डीसीपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे।
राहुल गांधी ने कहा कि घटना को करीब एक महीना बीत चुका है, लेकिन साहिल के शरीर में अब भी पैलेट के छर्रे फंसे हुए हैं। उनके मुताबिक, साहिल की आंख में तीन छर्रे धंसे हैं और इसी वजह से उन्हें दिखाई नहीं दे रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि एफआईआर दर्ज कराने के लिए उन्हें कई घंटे तक धरने पर बैठना पड़ा।
राहुल गांधी ने FIR को लेकर गृह मंत्री पर लगाया आरोप
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, “इस देश में कितनी महिलाओं के साथ दुष्कर्म होता है, कितने बच्चों की हत्या होती है, कितने लोगों को गोली मारी जाती है और कितने लोगों के शरीर में छर्रे धंसे रहते हैं. यह पुलिस स्टेशन दिल्ली के बीचों-बीच स्थित है, फिर भी यहां न्याय नहीं मिल रहा है.”
उन्होंने आगे कहा, “जरा सोचिए कि किसी गांव या छोटे शहर के पुलिस स्टेशन में क्या होता होगा. हमने यहां कुछ भी गलत नहीं किया. हमने सिर्फ एक भारतीय नागरिक और उसके परिवार के लिए न्याय की मांग की, लेकिन इसमें आठ घंटे लग गए. अंतिम मंजूरी गृह सचिव और स्वयं अमित शाह की ओर से आनी थी. उसके बाद ही एफआईआर दर्ज हुई. इससे समझा जा सकता है कि एफआईआर को कौन रोक रहा था. पुलिस अधिकारी इसे दर्ज करना चाहते थे, लेकिन न्याय पर ऊपर से रोक लगाई जा रही थी.”
राहुल गांधी के इस बयान के बाद मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। उन्होंने एफआईआर में हुई देरी को लेकर पुलिस प्रशासन और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि मामले में कार्रवाई को ऊपर से रोका जा रहा था।
संसद मार्ग थाने के बाहर हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा
इससे पहले राहुल गांधी साहिल लोचब के मामले में जानकारी लेने और एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। बताया गया कि जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस में हुए आंदोलनों के दौरान पैलेट गन के कथित इस्तेमाल से साहिल घायल हुए थे।
राहुल गांधी के थाने पहुंचने के दौरान पुलिस स्टेशन के बाहर कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पीड़ित पक्ष की शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उसे लगातार परेशान किया जा रहा है।
कांग्रेस ने कहा- यह सामान्य FIR नहीं
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने भी राहुल गांधी के संसद मार्ग थाने पहुंचने को लेकर पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि साहिल के वकील की मुख्य मांग मामले में एफआईआर दर्ज कराने की थी।
जयराम रमेश ने कहा कि यह कोई सामान्य एफआईआर नहीं है, बल्कि पुलिस की कथित गैरकानूनी कार्रवाई और पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़े मामले में विशेष एफआईआर है। अब दिल्ली पुलिस की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद इस मामले में आगे की जांच पर नजर बनी हुई है।
साहिल लोचब मामले में अब आगे क्या?
एफआईआर दर्ज होने के बाद पैलेट गन से घायल होने के आरोपों की जांच का रास्ता खुल गया है। राहुल गांधी ने इसे न्याय की दिशा में पहला कदम बताया है, जबकि कांग्रेस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है।
मामले में एफआईआर अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है। ऐसे में जांच के दौरान घटना की परिस्थितियों, कथित पुलिस कार्रवाई और पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं, यह आगे महत्वपूर्ण रहेगा।