दिल्ली में पेपर लीक के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक विवाद अब और तेज हो गया है। लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार, 21 अगस्त को दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन स्थित डीसीपी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने डीसीपी से मुलाकात कर मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
डीसीपी से मुलाकात के बाद राहुल गांधी संसद मार्ग थाने से बाहर आए और इसके बाद उन्होंने थाने के बाहर ही धरना शुरू कर दिया। इस दौरान उनके साथ पेलेट गन से घायल हुए छात्र साहिल लोचाब भी मौजूद रहे। बाद में राहुल गांधी का समर्थन करने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी मौके पर पहुंचीं।
कौन हैं घायल छात्र साहिल लोचाब?
साहिल लोचाब दिल्ली के नजफगढ़ के रहने वाले हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति में मदद करने के लिए वह कार भी चलाते हैं। इसके साथ ही साहिल एसएससी दिल्ली कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। 2024-25 में सामने आए पेपर लीक के मामले का असर भी उनकी तैयारी पर पड़ा था।
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर आयोजित संसद मार्च में साहिल लोचाब भी शामिल हुए थे। इसी प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। राहुल गांधी ने साहिल को मीडिया के सामने पेश करते हुए दावा किया था कि 20 जुलाई को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की ओर से पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया था।
राहुल गांधी ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया कि साहिल प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लेकर मौजूद थे और पुलिस की कार्रवाई के कारण उनकी एक आंख की रोशनी जाने की स्थिति पैदा हो गई। इससे पहले भी राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए थे।
राहुल गांधी ने आज कहा, शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ ऐसी बर्बरता कोई कानूनी कार्रवाई नहीं, एक गंभीर अपराध है। इस क्रूरता के लिए न गृह मंत्री अमित शाह ने छात्रों को कोई सफाई दी, न प्रधानमंत्री ने उनसे माफ़ी मांगी.
एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर अड़े राहुल गांधी
राहुल गांधी का मुख्य मुद्दा पेलेट गन के कथित इस्तेमाल को लेकर एफआईआर दर्ज कराने का है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई की जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर वह घायल छात्र साहिल लोचाब के साथ संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठे।
मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं, जबकि पेपर लीक के मुद्दे पर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब पेलेट गन के कथित इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक टकराव का रूप लेता नजर आ रहा है।