Lok Sabha में Priyanka Gandhi के बयान पर बवाल, शिक्षा मंत्री पर टिप्पणी से सदन में तीखी नोकझोंक

संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर हमला बोला। अपने भाषण में उन्होंने छात्र आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े सवाल उठाए। हालांकि, नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर की गई उनकी टिप्पणी के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई।

छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई पर सरकार को घेरा

लोकसभा में बोलते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों की पीड़ा का मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री से सवाल करते हुए कहा, ‘किसी की पीड़ा का मजाक न उड़ाया जाए. मैं पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री से पूछना चाहती हूं कि मासूम छात्रों पर लाठी चलाने की क्या जरूरत थी. पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया. क्या ये छात्र आतंकवादी थे?’

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की आवाज से डरती है और अब तक पेपर लीक से जुड़े किसी भी माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था में आरएसएस के प्रचारकों को जगह दी जा रही है।

शिक्षा मंत्री पर टिप्पणी के बाद बढ़ा विवाद

अपने भाषण के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा, ‘जहां आंखों में शर्म होनी चाहिए थी वहां नगाड़े बजाकर स्वागत किया जा रहा है. नए शिक्षा मंत्री ने महिलाओं पर अपशब्द कहे. कोई इन पर भरोसा कैसे करे.’

उनके इस बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया और माहौल गर्म हो गया।

किरेन रिजिजू ने मांगी माफी, प्रह्लाद जोशी ने मांगा प्रमाण

प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्होंने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के बारे में गलत बयान दिया है और उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

विवाद बढ़ने पर शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी प्रियंका गांधी से अपने आरोपों को सदन में प्रमाणित करने की मांग की। इसके जवाब में प्रियंका गांधी ने अखबार में प्रकाशित खबर का हवाला देकर अपने बयान का आधार बताने की कोशिश की। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों से विवाद समाप्त करने और चर्चा को दोबारा एंटी पेपर लीक बिल तक सीमित रखने का आग्रह किया।

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