नई दिल्ली: लोकसभा में पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की किताब के एक हिस्से को पढ़ने की जिद पर अड़े नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के समर्थन में अब उनकी बहन और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा खुलकर सामने आ गई हैं. मंगलवार को संसद में मचे घमासान के बीच प्रियंका ने सरकार पर तीखा हमला बोला और स्पष्ट किया कि “आर्मी को भईया कभी बदनाम नहीं करेंगे.”
प्रियंका का सवाल- ‘किताब पब्लिक सोर्स है, सरकार क्यों डरी हुई है?’
राहुल गांधी के बचाव में तर्क देते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि राहुल केवल पूर्व आर्मी चीफ की किताब का एक हिस्सा पढ़ रहे थे, जो पहले ही मैगजीन में छप चुका है. उन्होंने कहा, “इसमें बदनाम करने वाली क्या बात है? नियम है कि सोर्स पब्लिक होना चाहिए. यह किताब का अंश है, कोई अप्रमाणित सोर्स नहीं. ऐसे में मोदी सरकार क्यों डर रही है?”
राहुल की हुंकार- ‘चीन के सामने 56 इंच की छाती का सच पता चल जाएगा’
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद राहुल गांधी ने और भी आक्रामक तेवर दिखाए. उन्होंने दावा किया:
- सरकार का डर: “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह और पूरी सरकार किताब की सिर्फ एक लाइन से डरी हुई है.”
- चीन पर तंज: राहुल ने कहा कि अगर नरवणे की किताब की बातें सामने आ गईं, तो देश को पता चल जाएगा कि ‘चीन के सामने 56 इंच की छाती का क्या हुआ’ और सरकार ने सेना को कैसे निराश किया है.
- चेतावनी: उन्होंने साफ कहा, “वो लाइन मैं संसद में बोलूंगा, मुझे कोई नहीं रोक पाएगा.”
सरकार का पलटवार- ‘सेना का मनोबल न तोड़ें’
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया.
- राजनाथ सिंह: उन्होंने कहा कि राहुल काल्पनिक बातें करके सदन को गुमराह कर रहे हैं और सेना पर सवाल उठा रहे हैं.
- किरेन रिजिजू: उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा, “आप (राहुल गांधी) देश को नीचा दिखाकर क्या कहना चाहते हैं? ऐसी कोई बात मत बोलिए, जिससे सेना का मनोबल गिरे.”
इस विवाद के चलते लोकसभा में भारी गतिरोध बना रहा और सदन की कार्यवाही को दो बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित करना पड़ा.