वंचित बहुजन आघाड़ी के प्रमुख प्रकाश अंबेडकर ने बुधवार (26 नवंबर, 2025) को संविधान दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चिट्ठी और मौजूदा राजनीतिक स्थिति को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आज देश दो रास्तों पर खड़ा है—एक संविधान का रास्ता है और दूसरा मनुवाद का रास्ता है।
उन्होंने कहा:
“जब तक यह संघर्ष खत्म नहीं होगा, भारत विकसित नहीं हो सकता है। 75 साल बाद भी वही स्थिति बनी हुई है। जो लोग संविधान का समर्थन करते हैं, उनकी अलग तर्कशक्ति है और जो संविधान के विरोध में हैं, वे धर्म का सहारा लेकर अपना एजेंडा आगे बढ़ाते हैं।”
अयोध्या के ध्वज पर उठाए सवाल
प्रकाश अंबेडकर ने अयोध्या में हाल ही में फहराए गए ध्वज को लेकर भी पीएम मोदी और आरएसएस पर राजनीतिक संदेश देने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख दोनों ने अयोध्या में एक नया ध्वज दिखाकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।”
उन्होंने याद दिलाया कि 1950 में सरदार पटेल ने इन्हें तिरंगा फहराने के लिए मजबूर किया था।
“आज जो ध्वज अयोध्या में फहराया गया, वह देश को विकसित नहीं करेगा, बल्कि लोगों को बांटने वाला प्रतीक बन जाएगा।”
RSS को बताया आतंकवादी संगठन
वंचित बहुचन आघाड़ी के प्रमुख ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को एक आतंकवादी संगठन करार देने वाले अपने बयान पर भी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि, “जो संगठन UAPA के तहत पंजीकृत नहीं हैं और चंदा, हथियार जैसी गतिविधियां गुपचुप तरीके से करते हैं, उन्हें आतंकवादी संगठन माना जाता है। वही नियम आरएसएस पर भी लागू होना चाहिए।”
उन्होंने आरोप लगाया, “देश के गणपति मंडल तक चैरिटेबल कमिश्नर के पास रजिस्टर करते हैं, तो ये क्यों नहीं करते? यह साफ दिखता है कि ये लोग मानते हैं कि आरएसएस बड़ा है और देश छोटा। यही मनुवादी सोच है।”
CAA, SIR और 26/11 पर भी टिप्पणी
CAA/SIR: अंबेडकर ने कहा, “1969 से 1971 तक कांग्रेस सरकार ने बांग्लादेशियों को राजनीतिक और सुरक्षा कारणों से पनाह दी थी, लेकिन अब केंद्र सरकार उन्हें ही खतरा बताकर बाहर करना चाहती है। यह सरकार का खतरनाक खेल है, जिसे भारतीय अभी समझ नहीं पा रहे हैं।”
26/11 मुंबई हमला: उन्होंने कहा कि 26/11 मामले में दो पुलिस अधिकारियों की फाइल डिलीट होने और उन पर जांच न होने पर सवाल उठते हैं। उन्होंने दावा किया कि हेमंत करकरे एक इंटरनल टेरर ऑर्गेनाइजेशन की जांच कर रहे थे।
उज्ज्वल निकम: उन्होंने सांसद उज्ज्वल निकम पर भी निशाना साधा और कहा कि वह अब तक यह नहीं बता पाए कि करकरे के शरीर से निकली गोलियां पिस्टल की थीं या AK-47 की।