
पुलिस एनकाउंटर में मारे गए इनामी बदमाश अनुज प्रताप सिंह के परिजनों के पहुंचने पर सोमवार दोपहर शव का पंचायतनामा भरा गया और दो डॉक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया गया।पैनल में डॉ. आशुतोष वार्ष्णेय और गंगाघाट सीएचसी के डॉ. रवि सचान शामिल रहे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में दाहनी ओर से गोली लगी, जो बाईं ओर पार कर गई। पोस्टमार्टम में बुलेट बरामद नहीं हुई। डॉक्टर के मुताबिक अधिक रक्तस्राव होने से मौत होने की पुष्टि हुई है। पहले शव का एक्स-रे कराया गया। शरीर में किसी प्रकार के चोट या आघात के साक्ष्य नहीं मिले। मौत का सही कारण स्पष्ट करने के लिए एक्सरे कराया गया था।
सोशल मीडिया पर एनकाउंटर पर उठते रहे सवाल
अचलगंज थाना क्षेत्र के कोलुहागाड़ा गांव में इनामी बदमाश अनुज प्रताप के एनकाउंटर को सोशल मीडिया पर सवाल उठते रहे। कहा गया कि कहीं से लाकर कोलुहागाड़ा गांव में उसे मार दिया गया। उधर, पुलिस मुठभेड़ में फायरिंग दौरान गोली लगने से मौत की पुष्टि करती रही। अनुज एनकाउंटर को लेकर सोशल मीडिया से लेकर सार्वजनिक स्थलों पर दिन भर चर्चा होती रही। लोगों का कहना था कि कोलुहागाड़ा के पास घटनास्थल बताया जा रहा है। पुलिस की मानें तो उस दौरान आसपास कोई ग्रामीण नहीं था। लोगों का मानना है कि एनकाउंटर की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश हुए तो स्पष्ट होगा कि एनकाउंटर वैध था या नहीं।
गौरतलब है कि सुल्तानपुर सर्राफ डकैती कांड में फरार एक लाख के इनामी अनुज सिंह को अचलगंज थाना क्षेत्र के कोलुहागाड़ा गांव के पास सोमवार तड़के ढेर कर दिया गया। एसटीएफ और उन्नाव पुलिस के साथ मुठभेड़ में उसका साथी फरार हो गया। पुलिस ने दो पिस्टल, जिंदा कारतूस, चार किलो चांदी के जेवर और बिना नंबर की बाइक बरामद की है। सीओ एसटीएफ प्रमेश शुक्ला ने अचलगंज थाने में एनकाउंटर की रिपोर्ट दर्ज कराई है। वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
एसटीएफ द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक अनुज के अचलगंज क्षेत्र में होने का पता चला तो उन्नाव पुलिस के सहयोग से सोमवार तड़के उसकी घेराबंदी की गई। करीब चार बजे अनुज एक साथी के साथ बिना नंबर प्लेट की बाइक से गुजर रहा था। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो अनुज व उसके साथी ने भागने की कोशिश की। बाइक फिसलने से दोनों गिर गए। घेराबंदी देख उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी फायरिंग में एसटीएफ की गोली अनुज के सिर में लगी, जिससे वह गिर गया। उसका साथी भाग निकला। एसटीएफ के एक कमांडो की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी है। जख्मी हालत में अनुज को सीएचसी अचलगंज ले जाया गया। डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इमरजेंसी पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों के आने के बाद अचलगंज पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
सुल्तानपुर कांड में 27 दिन में तीसरा एनकाउंटर
सुल्तानपुर के चौक निवासी सर्राफ भरत सोनी की दुकान में 28 अगस्त की दोपहर नकाबपोश डकैतों ने धावा बोला था। पिता-पुत्र को बंधक बनाकर करीब डेढ़ करोड़ के जेवर और नगदी लूट ली थी। डकैती में शामिल मुख्य आरोपित विपिन के कोर्ट में सरेंडर करने के बाद पांच सितंबर को मंगेश यादव को एसटीएफ ने एनकाउंटर में मार गिराया। 20 सितंबर को अजय यादव के पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया था। अमेठी के थाना मोहनगंज के जनापुर गांव के धर्मराज का 26 वर्षीय पुत्र अनुज प्रताप सिंह फरार चल रहा था। उस पर चार सितंबर को एक लाख का इनाम घोषित किया गया था। सोमवार तड़के तीसरे एनकाउंटर में वह ढेर कर दिया गया। अनुज के पास से पुलिस ने काले बैग में चार किलो चांदी के जेवर और एक पिस्टल दो कारतूस बरामद किए। दूसरी पिस्टल व सात खोखे मौके पर गिरे मिले।