प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (11 जनवरी, 2026) को गुजरात के राजकोट में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात समिट में देश की आर्थिक प्रगति की एक शानदार तस्वीर पेश की। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि भारत बहुत जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि जहां विश्व के कई देश आर्थिक मंदी और अस्थिरता से जूझ रहे हैं, वहीं भारत ‘ग्रोथ इंजन’ बनकर तेजी से दौड़ रहा है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) जैसी वैश्विक संस्थाएं भी अब भारत के विकास का लोहा मान रही हैं।
लाल किले की वो बात: यही समय है, सही समय है
समिट में पीएम मोदी ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए अपने पुराने संकल्प को दोहराया। उन्होंने सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, ‘मैंने लाल किले से कहा था यही समय है, सही समय है. अगर हम मेहनत से डटे रहते हैं, तो सफलता जरूर मिलती है. देश और दुनिया के सभी निवेशकों के पास इन संभावनाओं का लाभ उठाने का यही समय है, सही समय है और वाइब्रेंट गुजरात रिजनल (Vibrant Gujarat Regional) समिट भी आप सभी निवेशकों को सही संदेश दे रही है कि सौराष्ट्र-कच्छ में निवेश का यही समय है, सही समय है.’
दुनिया का भरोसा और भारत की आत्मनिर्भरता
प्रधानमंत्री ने भारत की बढ़ती साख और उत्पादन क्षमता का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे देश कृषि से लेकर तकनीक तक हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘भारत के बारे में दुनियाभर के जो आंकड़े आ रहे हैं, उससे ये साफ है कि भारत से दुनिया की उम्मीदें बढ़ रही हैं. भारत दुनिया की फास्टेस्ट ग्रोविंग लार्ज इकोनॉमी है. भारत असीम संभावनाओं से भरा देश है. भारत में इंफ्लेशन काबू में है. भारत एग्रीकल्चर प्रोडक्शन में नए रिकॉर्ड बना रहा है. भारत मिल्क प्रोडक्शन में नंबर वन है. भारत जेनेरिक मेडिसिन प्रोडक्शन में नंबर वन है. दुनिया में जो सबसे ज्यादा वैक्सीन बनाता है, वो भारत है.’
सोमनाथ से राजकोट तक: विकास भी, विरासत भी
पीएम मोदी ने इस समिट के साथ अपने पुराने और गहरे जुड़ाव को याद किया। उन्होंने बताया कि साल 2026 की शुरुआत में उनकी गुजरात यात्रा सोमनाथ मंदिर के दर्शन से शुरू हुई है। पीएम मोदी ने कहा, ‘बीते 11 सालों में भारत तेजी से आगे बढ़ा है. वाइब्रेंट गुजरात की यह यात्रा तेजी से आगे बढ़ रही है. वाइब्रेंट गुजरात समिट के विजन के साथ मैं पहले दिन से जुड़ा हुआ हूं. इस समिट से भारत का बहुत फायदा हुआ है. आज यह समिट दुनिया का एक मजबूत प्लेटफॉर्म बन गई है. 2026 के आरंभ के बाद, ये मेरा गुजरात का पहला दौरा है और सुखद इसलिए भी है क्योंकि 2026 की मेरी ये यात्रा सोमनाथ दादा के चरणों में सिर झुकाकर शुरू हुई है.’
उन्होंने आगे कहा, ‘अब मैं राजकोट में इस शानदार कार्यक्रम में हिस्सा ले रहा हूं, यानी विकास भी, विरासत भी… ये मंत्र हर तरफ गूंज रहा है. जब भी वाइब्रेंट गुजरात समिट का मंच सजता है, तो मुझे एक समिट नहीं दिखती, मुझे 21वीं सदी के भारत की वो यात्रा नजर आती है, जो एक सपने से शुरू हुई और आज एक अटूट भरोसे तक पहुंच चुकी है. दो दशकों में वाइब्रेंट गुजरात की यात्रा एक बेंचमार्क बन गई है. अभी तक इसके 10 एडिशन हो चुके हैं और हर एडिशन के साथ इस समिट की पहचान और भूमिका दोनों मजबूत होती रही है.’
डिजिटल इंडिया और इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांति
प्रधानमंत्री ने ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र को भारत की सफलता का आधार बताया। उन्होंने देश की डिजिटल और ढांचागत उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा, ‘बीते दो दशकों में वाइब्रेंट गुजरात समिट ने लगातार कुछ नया, कुछ विशेष किया है. वाइब्रेंट गुजरात रीजनल समिट इसका एक उदाहरण बन गई है. इसका फोकस गुजरात के अलग-अलग हिस्सों के अनटैप्ड पोटेंशियल को परफॉर्मेंस में बदलने का है. भारत के विकास से जुड़ी फैक्ट शीट- रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म- के मंत्र की सक्सेस स्टोरी है.’
उन्होंने भारत की बदलती तस्वीर पेश करते हुए कहा:
- ‘बीते 11 सालों में भारत, दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल डेटा कंज्यूमर बना है.
- हमारा UPI दुनिया का नंबर-1 रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म बन गया है.
- आज भारत, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर है.
- आज भारत, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है.
- हम तीसरी सबसे बड़ी एविएशन मार्केट हैं.
- मेट्रो के मामले में हम दुनिया के टॉप 3 नेटवर्क में शामिल हो गए हैं.’
अंत में उन्होंने गुजरात के योगदान की सराहना करते हुए कहा, ‘21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है. बीते वर्षों में भारत ने बहुत तेज प्रगति भी की है और इसमें गुजरात की, आप सभी की बहुत बड़ी भूमिका रही है.’