बनारस से पीएम मोदी का बड़ा हमला, महिला आरक्षण पर सपा-कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (28 अप्रैल) को वाराणसी दौरे के दौरान महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इन दलों के कारण ही संसद में यह अहम बिल पारित नहीं हो सका। बनारस में आयोजित कार्यक्रम में पीएम ने करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी और दो नई अमृत भारत ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई।

महिलाओं के आरक्षण को लेकर मांगा समर्थन

पीएम मोदी ने कहा, ‘काशी के सांसद के तौर पर देश के प्रधानमंत्री के तौर पर मुझे देशहित के एक बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आपका आशीर्वाद चाहिए और यह बड़ा लक्ष्य है, लोकसभा-विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण को लागू करना.’
उन्होंने आगे कहा, ‘अभी कुछ दिन पहले सपा और कांग्रेस जैसे दलों की वजह से हमारा यह प्रयास संसद में सफल नहीं हो पाया, लेकिन मैं आप सभी बहनों को फिर से भरोसा देता हूं कि आपके आरक्षण का हक लागू हो, इसमें कोई कोर कसर बाकी नहीं छोडूंगा.’

विकसित भारत में नारीशक्ति की भूमिका पर जोर

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में महिलाओं की भूमिका को देश के विकास का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा, ‘भारत को विकसित बनाने का मिशन अनवरत चल रहा है और जब मैं विकसित भारत की बात करता हूं, तो उसका सबसे मजबूत स्तंभ भारत की नारीशक्ति है. हमारी सरकार की नीतियों में निरंतर महिला कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है.’

सरकारी योजनाओं में महिलाओं को प्राथमिकता

पीएम मोदी ने कहा, ‘2014 में आपने हमें सेवा का अवसर दिया तो देश में 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय बने. 30 करोड़ से ज्यादा बहनों के बैंक खाते खुले. 2.5 करोड़ से ज्यादा घरों में बिजली का कनेक्शन दिया गया. 12 करोड़ से ज्यादा घरों में नल से जल पहुंचाया, यानी अनेक बड़ी योजनाओं के केंद्र में बहनों-बेटियों को रखा गया.’
उन्होंने बताया कि सरकार की कई योजनाओं का फोकस महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने पर रहा है।

आर्थिक सशक्तिकरण में बढ़ी महिलाओं की भागीदारी

महिलाओं की आर्थिक भागीदारी पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, ‘बीते 11 वर्षों में देश की करीब 10 करोड़ बहनें स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं, इन समूहों को लाखों रुपये की मदद मिल रही है, जिससे बहनें अपना काम कर रही हैं. ऐसे ही प्रयासों से 3 करोड़ बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं.’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *