असम के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुवाहाटी में लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के भव्य नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। लगभग 4,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस टर्मिनल के लोकार्पण के बाद एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) और घुसपैठ के मुद्दे पर कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार देश की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठा रही है, तब कांग्रेस घुसपैठियों के बचाव में खड़ी नजर आ रही है।
“SIR का मकसद घुसपैठियों को हटाना, कांग्रेस को हो रही तकलीफ”
प्रधानमंत्री ने चुनावी प्रक्रियाओं की शुद्धता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि भारत के चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया शुरू की है। पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“SIR का मकसद घुसपैठियों को चुनावी प्रक्रियाओं से दूर रखना है। लेकिन कुछ देशविरोधी ताकतें उन्हें बचाने की कोशिश कर रही हैं। केंद्र सरकार घुसपैठ रोकने के लिए हर संभव कदम उठा रही है, जबकि कांग्रेस ने दशकों तक इन घुसपैठियों को सुरक्षा दी।”
उन्होंने आगे कहा कि घुसपैठियों ने असम के जंगलों और जमीनों पर कब्जा कर लिया था, जिससे राज्य की पहचान और सुरक्षा दोनों खतरे में पड़ गई थी। भाजपा सरकार अब कांग्रेस की इन्हीं ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने का काम कर रही है।
“कांग्रेस ने पूर्वोत्तर को विकास से दूर रखने का पाप किया”
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के शासनकाल को हिंसा और उपेक्षा का दौर बताया। उन्होंने कहा कि दशकों तक असम और पूर्वोत्तर को मुख्यधारा के विकास से काटकर रखा गया। पीएम मोदी ने कहा:
“कांग्रेस सरकार ने असम और पूर्वोत्तर को विकास से दूर रखने का पाप किया था। इसकी कीमत देश को एकता, सुरक्षा और अखंडता खोकर चुकानी पड़ी। उनके दौरान हिंसा फली-फूली, लेकिन पिछले 10-11 सालों में हमने उसे खत्म किया है।”
उन्होंने गर्व के साथ बताया कि जिन जिलों को कभी ‘हिंसा प्रभावित’ माना जाता था, आज वे ‘एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट’ (आकांक्षी जिले) के रूप में देश के विकास का नेतृत्व कर रहे हैं।
4 हजार करोड़ का नया टर्मिनल: पूर्वोत्तर के लिए बड़ी सौगात
उद्घाटन समारोह में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी प्रधानमंत्री के साथ मौजूद रहे। नया टर्मिनल भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस है और इसे सालाना 13.1 मिलियन यात्रियों की क्षमता के साथ डिजाइन किया गया है। यह टर्मिनल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि पूर्वोत्तर को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने के लिए एक प्रमुख प्रवेश द्वार (Gateway) के रूप में कार्य करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि यह बुनियादी ढांचा असम की बदलती तस्वीर और केंद्र सरकार की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का जीवंत उदाहरण है।