इस्लामाबाद: आर्थिक तंगी और भारी कर्ज में डूबे पाकिस्तान के लिए एक राहत भरी खबर आई है। पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसे खैबर पख्तूनख्वा (KPK) प्रांत में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का बड़ा खजाना हाथ लगा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे देश के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा है कि इससे गिरती अर्थव्यवस्था को सहारा मिलेगा।
कोहट में मिला ‘काला सोना’, रोजाना निकलेगा इतना तेल
पाकिस्तानी एजेंसियों और ‘ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड’ (OGDCL) ने इस खोज की पुष्टि की है:
- लोकेशन: खैबर पख्तूनख्वा के कोहट जिले का नश्पा ब्लॉक (Nashpa Block)।
- कितना मिलेगा तेल: यहां से रोजाना करीब 4,100 बैरल कच्चा तेल निकलने की उम्मीद है।
- गैस: साथ ही 10.5 मिलियन क्यूबिक फीट गैस का उत्पादन भी संभव है।
सरकार का प्लान: 2026 तक 3.5 लाख नए कनेक्शन
शहबाज शरीफ का मानना है कि इस खोज से पाकिस्तान का तेल-गैस आयात पर होने वाला भारी-भरकम खर्च कम होगा और विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) बचेगा। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि सरकार का लक्ष्य जून 2026 तक जनता को 3.5 लाख नए गैस कनेक्शन देने का है।
संसाधन मिले, लेकिन विवाद भी गहराया
भले ही सरकार इसे अपनी उपलब्धि बता रही हो, लेकिन स्थानीय लोगों में गुस्सा है:
- भेदभाव का आरोप: खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के लोगों का आरोप है कि तेल-गैस उनके यहां से निकलता है, लेकिन इसका फायदा और पैसा ‘पाकिस्तानी पंजाब’ के विकास में लगा दिया जाता है।
- पिछड़ापन: संसाधनों से भरपूर होने के बावजूद ये इलाके आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं, जिससे वहां अलगाववाद और असंतोष बढ़ रहा है।