
भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान आर्थिक बदहाली से जूझ रहा है और लोग भुखमरी के शिकार हैं। इन तमाम संकटों के बावजूद पाकिस्तान परमाणु हथियारों का जखीरा खड़ा करने में लगा है। दरअसल दशकों से चली आ रही राजनीतिक अस्थिरता के चलते में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं।
अत्यधिक बिजली बिलों को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। पेट्रोल 300 रुपये प्रति लीटर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर बिक रहा है और कई शहरों में कई घंटों तक बिजली कटौती हो रही है। चीन और खाड़ी देशों से वित्तीय मदद लेने की कई बार कोशिश करने के बाद, पाकिस्तान को अंततः बेलआउट के लिए आईएमएफ की कठिन शर्तों पर सहमत होना पड़ा।
परमाणु शस्त्रागार का विस्तार कर रहा पाक
हालांकि, इस सारी आर्थिक तबाही के बीच, पाकिस्तान अभी भी अपने परमाणु शस्त्रागार को बढ़ाने के जुनून पर कायम है। फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स की एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, “पाकिस्तान अधिक हथियारों, अधिक वितरण प्रणालियों और बढ़ते विखंडनीय मटेरियल प्रोडक्शन इंडस्ट्री के साथ धीरे-धीरे अपने परमाणु शस्त्रागार का विस्तार करना जारी रख रहा है।”
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना की चौकियों और वायुसेना अड्डों पर लगातार कंस्ट्रक्शन हो रहा है। कॉमर्शियल सेटेलाइट से ली गईं इन कंस्ट्रक्शन साइट की तस्वीरों के विश्लेषण से पता चलता है कि नए लॉन्चर और अन्य सुविधाएं बनाई जा रही हैं। इससे प्रतीत होता है कि ये कंस्ट्रक्शन पाकिस्तान के परमाणु बलों से संबंधित हो सकते हैं।” वैज्ञानिकों का अनुमान है कि पाकिस्तान के पास अब “लगभग 170 हथियारों का परमाणु हथियार भंडार” है।
पाकिस्तान के इन विमानों में परमाणु हमले की क्षमता
टाइम्स ऑफ इंडिया ने फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स की एक रिसर्च रिपोर्ट के हवाले से लिखा है कि पाकिस्तान वर्तमान में प्रति वर्ष 14 से 27 नए हथियार बनाने के लिए पर्याप्त विखंडनीय सामग्री (fissile material) का उत्पादन कर रहा है। पाकिस्तान के मिराज III और मिराज V लड़ाकू विमानों में परमाणु हथियारों से हमला करने की अधिक संभावना है।
रिपोर्ट में बड़ा खुलासा करते हुए कहा गया है कि पाकिस्तानी वायु सेना (पीएएफ) के मिराज लड़ाकू-बमवर्षक दो ठिकानों पर स्थित हैं। कराची के बाहर मसरूर एयर बेस में तीन मिराज स्क्वाड्रन के साथ 32वां विंग भी तैनात है। जो तीन मिराज स्क्वाड्रन मसरूर एयर बेस पर हैं उनमें 7वां स्क्वाड्रन (बैंडिट्स), 8वां स्क्वाड्रन (हैदर्स), और 22वां स्क्वाड्रन (गाजी) है। संभावित परमाणु हथियार भंडारण स्थल मसरूर बेस से पांच किलोमीटर उत्तर पश्चिम में स्थित है।
भारत से कितनी दूर
एक एयर बेस (मसरूर एयर बेस) पाकिस्तान के कराची के नजदीक स्थित है जो भारतीय राज्य गुजरात के पोरबंदर से करीब 400 किलोमीटर दूर है। दूसरा एयर बेस जहां परमाणु क्षमता वाले पाकिस्तानी फाइटर जेट तैनात वह शोरकोट में है। यह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में है जो भारत के पंजाब राज्य से करीब 300 किलोमीटर दूर है।
पाकिस्तान के पास 6 परमाणु मिसाइल सिस्टम
ऐसा प्रतीत होता है कि पाकिस्तान के पास वर्तमान में छह परमाणु-सक्षम, ठोस-ईंधन, सड़क-मोबाइल बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम हैं। इनमें कम दूरी की अब्दाली (हत्फ-2), गजनवी (हत्फ-3), शाहीन-आई/ए (हत्फ-4) , और नस्र (हत्फ-9), और मध्यम-श्रेणी गौरी (हत्फ-5) और शाहीन-द्वितीय (हत्फ-6) शामिल हैं। दो अन्य परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम वर्तमान में तैयार हो रहे हैं। इनमें मध्यम दूरी की शाहीन-III और MIRVed अबाबील शामिल है।
रिपोर्ट के अनुसार, कॉमर्शियल सेटेलाइट इमेजरी के विश्लेषण से पता चलता है कि पाकिस्तान के पास कम से कम पांच मिसाइल बेस हैं जो पाकिस्तान के परमाणु बलों में भूमिका निभा सकते हैं। पाकिस्तान का लगातार बढ़ता परमाणु शस्त्रागार सिर्फ भारत के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साफ शब्दों में कहा था कि “पाकिस्तान अपनी परमाणु सुरक्षा और कमांड एवं नियंत्रण प्रक्रियाओं में सामंजस्य की कमी के कारण दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में से एक है”।