पाकिस्तान में पूर्व ISI चीफ का कोर्ट मार्शल, इमरान खान तक पहुंच सकती है जांच की आंच

पाकिस्तान में पिछले महीने गिरफ्तार किए गए जनरल फैज हमीद के खिलाफ कोर्ट मार्शल शुरू कर दिया गया है. फैज हमीद के खिलाफ शुरू हुई इस कार्रवाई के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.फैज़ हमीद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी माने जाते हैं, उन्हें 12 अगस्त को हाउसिंग घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया था, पाकिस्तान ने इससे पहले कभी किसी ISI प्रमुख को गिरफ्तार नहीं किया था. पाकिस्तान की इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशन (ISPR) के डायरेक्टर ने कहा है कि फैज के खिलाफ जांच में पुख्ता सबूत मिले हैं जिसके बाद कोर्ट मार्शल शुरू कर दिया गया है.

इमरान खान पर चलेगा सैन्य मुकदमा?

फैज हमीद की गिरफ्तारी और कोर्ट मार्शल शुरू किए जाने को लेकर विश्लेषकों का मानना है कि अब इमरान खान पर सैन्य मुकदमा चलाया जा सकता है. पाकिस्तान की रक्षा विशेषज्ञ आयशा सिद्दीका ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में कहा है कि, ‘ इस गिरफ्तारी का उद्देश्य फैज हमीद पर दबाव बनाकर ऐसी जानकारियां निकलवाना है जिससे 9 मई को हुई हिंसा मामले में इमरान खान के खिलाफ आरोप लगाए जा सकें.’

‘सेना का कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं’

हालांकि ISPR के महानिदेशक (डीजी) लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि पाकिस्तानी सेना का कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है, क्योंकि हम खुद के प्रति जवाबदेह हैं. उन्होंने कहा कि जांच में पता चला है कि लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद ने आर्मी एक्ट की कई धाराओं का उल्लंघन किया है. अहमद शरीफ ने आरोप लगाया है कि पूर्व ISI अधिकारी ने कुछ राजनीतिक तत्वों के इशारे पर व्यक्तिगत लाभ के लिए कानूनी और संवैधानिक सीमाओं को पार किया है.

एक साल से जेल में हैं इमरान खान

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान करीब एक साल से जेल में हैं, उन पर कथित तौर पर हिंसा को बढ़ावा देने के आरोप में एक सिविल कोर्ट में मुकदमा चल रहा है, माना जा रहा है कि पिछले महीने उनके सहयोगी लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद की गिरफ्तारी के बाद उन पर देशद्रोह और विद्रोह के अधिक गंभीर आरोप लग सकते हैं. साथ ही 9 मई की हिंसा को लेकर इमरान के खिलाफ सैन्य मुकदमा चलाने में मदद मिल सकती है.

सरकार ने 9 मई की हिंसा को बताया था विद्रोह

दरअसल पिछले साल 9 मई को इमरान खान की गिरफ्तारी के खिलाफ उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया, इस दौरान जमकर हिंसा हुई. प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी सेना के दफ्तरों और सेना के अधिकारियों के घर को निशाना बनाया गया. शहबाज़ सरकार ने इसे सेना के खिलाफ विद्रोह करार दिया था. माना जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना और शहबाज़ सरकार इस हिंसा के लिए इमरान खान को जिम्मेदार ठहराना चाहती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *