नई दिल्ली। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात को लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने बैठक को पूरी तरह विफल करार दिया और कहा कि भारतीय जनता जिन सवालों के जवाब की उम्मीद कर रही थी, वह पूरी तरह अनुत्तरित रह गए।
ओवैसी का बयान
ओवैसी ने रविवार (31 अगस्त 2025) को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा –
“चीन के राष्ट्रपति के साथ आज भारत के प्रधानमंत्री की बैठक उन महत्वपूर्ण सवालों के जवाब देने में विफल रही है जिनकी भारतीयों को तलाश थी।”
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को चीन का समर्थन, अफगानिस्तान में CPEC का विस्तार, लद्दाख की स्थिति, जल विज्ञान से जुड़े नदी डेटा का साझा न होना, दुर्लभ मृदा और अन्य अहम वस्तुओं की आपूर्ति पर कोई ठोस वादा न मिलना – ये ऐसे मुद्दे हैं जो भारतीयों के लिए असली मायने रखते हैं।
ओवैसी ने कहा,
“लद्दाख में हमारे बहादुर सैनिक अब भी बफर जोन में गश्त नहीं कर पा रहे हैं। 2020 के बाद से हमारे चरवाहों को कई इलाकों में जाने की अनुमति नहीं है। चीन ने न तो आयात बढ़ाने का भरोसा दिया और न ही संवेदनशील वस्तुओं की आपूर्ति बहाल करने का वादा किया। भारतीयों को इन जवाबों की ज़रूरत थी, न कि फोटो खिंचवाने का अवसर, जैकेट का रंग या कालीन की लंबाई।”
मोदी-शी मुलाकात पर सरकार का पक्ष
वहीं, विदेश मंत्रालय के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बैठक में आतंकवाद, निष्पक्ष व्यापार और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर मिलकर काम करने की आवश्यकता पर सहमति जताई।