बिहार में नई एनडीए सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने की दिशा में गुरुवार (27 नवंबर, 2025) को एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने रिक्तियों को जल्द से जल्द भरने के लिए सभी विभागों और आयोगों को समयबद्ध निर्देश जारी किए हैं।
31 दिसंबर तक रिक्तियों का ब्यौरा मांगा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि:
“राज्य के अधीन सभी प्रशासी विभाग, सभी प्रमंडलीय आयुक्त, पुलिस मुख्यालय के अधीन सभी कार्यालय एवं सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सामान्य प्रशासन विभाग को रिक्तियों से संबंधित अधियाचना 31 दिसंबर तक अवश्य उपलब्ध करा दें।”
सामान्य प्रशासन विभाग प्राप्त अधियाचनों को यथाशीघ्र जांच कर संबंधित विभिन्न नियुक्ति आयोगों को भेज देगा।
नियुक्ति आयोगों को दिए गए सख्त निर्देश
सभी नियुक्ति आयोगों एवं चयन एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे पारदर्शिता और गति सुनिश्चित करें:
- कैलेंडर प्रकाशन: जनवरी 2026 में नियुक्ति के लिए पूरे साल का कैलेंडर प्रकाशित किया जाए, जिसमें विज्ञापन प्रकाशन की तिथि, परीक्षा आयोजन की संभावित अवधि और अंतिम परीक्षाफल प्रकाशन की तिथि का स्पष्ट उल्लेख हो।
- समय सीमा: **”परीक्षा के चाहे जितने भी चरण हों किसी भी परिस्थिति में विज्ञापन प्रकाशन से अंतिम परीक्षाफल में एक साल से अधिक समय नहीं लगना चाहिए।”
- पारदर्शिता: सभी परीक्षाओं को पारदर्शी एवं स्वच्छ तरीके से संपन्न कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं, साथ ही अनुचित साधन की रोकथाम के लिए सख्त और तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
- CBT केंद्र: बिहार में ऑनलाइन परीक्षा CBT (Computer Based Test) के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या को बढ़ाने का भी निर्देश दिया गया है।
युवाओं को 1 करोड़ नौकरी-रोजगार देने का लक्ष्य
नीतीश कुमार ने अपने ‘एक्स’ पोस्ट में सरकार की प्राथमिकताएं बताई हैं:
- पिछली सफलता: उन्होंने कहा, “सात निश्चय-2 के तहत वर्ष 2020-25 के बीच राज्य में 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार दिया गया है।”
- अगला लक्ष्य: “अगले 5 वर्षों (2025-30) में हम लोगों ने एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।”