उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। यहां चौथी कक्षा में पढ़ने वाली 10 वर्षीय छात्रा ने कथित तौर पर ₹10 चोरी का आरोप लगने के बाद अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है, जबकि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
यह घटना नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के पचेंडा कला गांव स्थित एक प्राथमिक विद्यालय की है। जानकारी के अनुसार, मृतक छात्रा आयुषी ने बुधवार (22 जुलाई) को अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षिका के बैग से ₹10 चोरी का लगाया गया था आरोप
परिजनों का आरोप है कि स्कूल की शिक्षिका सविता ने छात्रा पर अपने बैग से ₹10 चोरी करने का आरोप लगाया था। आरोप है कि इस संबंध में शिक्षिका ने स्कूल के शिक्षक राजीव को जानकारी दी, जिसके बाद छात्रा की स्कूल में पिटाई की गई।
परिजनों का दावा है कि स्कूल से लौटने के बाद बच्ची इस घटना से बेहद आहत थी और उसी मानसिक तनाव में उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया।
पिता बोले- बेटी ने कहा था, पैसे चोरी नहीं किए थे
मृतक छात्रा के पिता अशोक राजपूत ने आरोप लगाया कि स्कूल में उनकी बेटी के साथ मारपीट की गई। उन्होंने बताया कि स्कूल से उन्हें फोन कर बुलाया गया था, लेकिन उस समय वह शहर से बाहर थे और अगले दिन आने की बात कही थी।
अशोक राजपूत के मुताबिक, उनकी बेटी ने उन्हें बताया था कि ₹10 उसे टेबल के नीचे पड़े मिले थे और उसने किसी तरह की चोरी नहीं की थी।
उन्होंने दावा किया कि जब वह दोपहर करीब दो बजे घर पहुंचे तो उनकी बेटी फंदे से लटकी मिली। पिता का कहना है कि अन्य छात्रों और स्थानीय लोगों ने भी उन्हें बताया कि बच्ची की स्कूल में पिटाई की गई थी।
पुलिस जांच में जुटी, परिजनों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
वहीं, मृतका के परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी बेटी को न्याय मिलना चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या उत्पीड़न हुआ है तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।