टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ किया कि राजनीति से संन्यास लेने का उनका फिलहाल कोई इरादा नहीं है। ममता बनर्जी ने कहा कि वह तब तक पीछे नहीं हटेंगी, जब तक बीजेपी को गुमनामी में नहीं धकेल देतीं।
ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष, बगावत और राजनीतिक संकट की स्थिति बनी हुई है। सोमवार, 24 अगस्त को फेसबुक लाइव के दौरान ममता बनर्जी ने राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद बीजेपी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।
‘बीजेपी का असली चेहरा जनता के सामने आ चुका है’
ममता बनर्जी ने फेसबुक लाइव में कहा, ‘बंगाल में सत्ता बदले करीब चार महीने बीत चुके हैं, इस दौरान बीजेपी का असली चेहरा जनता के सामने आ चुका है.’
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मनमाने तरीके से मामले दर्ज कर रही है और टीएमसी से जुड़े लोगों पर पार्टी छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। ममता बनर्जी के मुताबिक, लोगों को बिना पर्याप्त सबूत के गिरफ्तार किया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि उन्हें राजनीतिक रैलियों की अनुमति नहीं दी जा रही है और उन्हें कार्यक्रमों के लिए अदालत का रुख करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद उनका राजनीतिक संघर्ष जारी रहेगा।
SIR को लेकर फिर Election Commission पर निशाना
ममता बनर्जी ने मतदाता सूची से जुड़े SIR यानी Special Intensive Revision के मुद्दे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव में कथित धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
ममता बनर्जी ने कहा, ‘अगर चुनाव आयोग में हिम्मत है तो उन्हें उन नामों को भी शामिल करना चाहिए जिन पर फैसला हो चुका है. जरूरत पड़ने पर हम विरोध प्रदर्शन करेंगे.’
उन्होंने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान लाखों मतदाताओं के नाम कथित तौर पर अवैध तरीके से हटा दिए गए। ममता बनर्जी ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह प्रभावित लोगों के नाम मतदाता सूची में दोबारा शामिल कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगी।
Annapurna Yojana पर भी BJP सरकार को घेरा
महिलाओं के लिए ‘अन्नपूर्णा योजना’ के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता में कथित देरी को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच ममता बनर्जी ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि शुभेंदु सरकार अपात्रता का हवाला देकर योजना के लाभार्थियों की संख्या कम कर रही है।
ममता बनर्जी ने कहा, ‘हमने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लक्ष्मी भंडार योजना शुरू की थी, लेकिन भाजपा अन्नपूर्णा भंडार के लिए धनराशि देने में धर्म और जाति को आधार बना रही है.’
उन्होंने बीजेपी पर चुनाव से पहले किए गए वादे से पीछे हटने का भी आरोप लगाया। ममता बनर्जी के मुताबिक, बीजेपी ने चुनाव से पहले सभी महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना का लाभ देने का वादा किया था, लेकिन अब महिलाओं के साथ कथित तौर पर धोखा किया जा रहा है।
Jadavpur University में ABVP-Left विवाद पर ममता का बयान
जादवपुर यूनिवर्सिटी में एबीवीपी और लेफ्ट से जुड़े छात्रों के बीच हुई झड़प को लेकर भी ममता बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़ कराई जा रही है।
ममता बनर्जी ने कहा कि पार्टी की विचारधारा से अलग रहने वाले कुछ छात्रों से मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद वह छात्रों का सम्मान करती हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में बढ़ते राजनीतिक टकराव को लेकर बीजेपी पर माहौल खराब करने का आरोप लगाया।
ममता बनर्जी के ताजा बयान से साफ है कि चुनावी हार और पार्टी के भीतर जारी राजनीतिक संकट के बावजूद वह सक्रिय राजनीति से पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने बीजेपी के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने का संकेत देते हुए आने वाले समय में और राजनीतिक टकराव की जमीन तैयार कर दी है।