कोलकाता: पश्चिम बंगाल में I-PAC (प्रशांत किशोर की पुरानी फर्म) के दफ्तर पर ED की छापेमारी के दौरान गुरुवार (8 जनवरी) को अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रेड में सीधा हस्तक्षेप किया और केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों को राज्य पुलिस (DGP) की तरफ से गिरफ्तारी की धमकी दी गई।
ED अधिकारियों के 4 सनसनीखेज आरोप:
- CM ने अपने कब्जे में लिया फोन:सूत्रों का दावा है कि ममता बनर्जी ने मौके पर पहुंचकर I-PAC अधिकारी प्रतीक जैन का मोबाइल फोन जांच अधिकारियों के हाथ से छीन लिया और उसे अपने पास रख लिया।
- DGP की खुली धमकी- ‘रिकॉर्ड बदलाओ वरना…’:आरोप है कि बंगाल के DGP ने वहां मौजूद ED के 3 अधिकारियों को धमकाते हुए कहा- “पंचनामा में कुछ भी रिकॉर्ड मत करो। यह दिखाओ कि कुछ भी रिकवरी नहीं हुई है। अगर ऐसा नहीं किया, तो हम FIR दर्ज करेंगे और तुम्हें गिरफ्तार कर लेंगे।”
- 3 अधिकारी vs पूरी फोर्स:ED अधिकारियों ने बताया कि वे मौके पर सिर्फ 3 लोग थे, जबकि दूसरी तरफ दर्जनों पुलिस अधिकारी और CM की Z-सिक्योरिटी टीम मौजूद थी। भारी दबाव के कारण उन्हें आधिकारिक दस्तावेजों में बदलाव करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
- गवाहों को डराया:सूत्रों का दावा है कि मौके पर मौजूद स्वतंत्र गवाहों (Independent Witnesses) को भी कोलकाता पुलिस और CM के स्टाफ ने डराया-धमकाया।
ममता का पलटवार: ‘डेटा चोरी करने आए थे’
ममता बनर्जी ने ED के दावों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि ED मनी लॉन्ड्रिंग जांच की आड़ में TMC की चुनावी रणनीति, आंतरिक डेटा और हार्ड डिस्क चोरी करने की कोशिश कर रही थी, जिसका केस से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने इसे असंवैधानिक बताया।