क्या लौटानी होगी मईया सम्मान योजना की रकम? झारखंड में BJP के दावों से खलबली

झारखंड में एक बार फिर से मईया सम्मान योजना को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है. झारखण्ड की हेमंत सोरेन सरकार ‘मईया सम्मान योजना’ से एक तरफ 50 लाख से ज्यादा की आधी आबादी को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 1000 रुपया से बढ़ाकर 2500 रुपया प्रति महीना देने जा रही है. वहीं दूसरी तरफ अधिकारियों के एक आदेश से इस योजना की हजारों लाभार्थियों के बीच दहशत और डर का माहौल बन गया है.दरसल झारखण्ड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने इस मुद्द को लेकर सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट लिखा. उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले बेरोकटोक मुफ्त के रेवड़ी की तरह मईया सम्मान योजना की राशि बांटने वाली हेमंत सरकार अब महिलाओं से वसूली की तैयारी कर रही है. विभागों को विशेष दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं कि येन केन प्रकारेण, योजना का लाभ उठाने वाली महिलाओं का नाम छांट कर लाभार्थियों की संख्या सीमित रखी जाए.
मरांडी बोले- सरकार ने योजना में कई नई शर्तें जोड़ी
उन्होंने आगे कहा कि लाभार्थी सत्यापन के नाम पर महिलाओं को योजना के लाभ से वंचित रखने का प्रयास करने वाली हेमंत सरकार चुनाव के दरम्यान सभी महिलाओं को 2500 रुपए मासिक वित्तीय सहायता देने का दंभ भरती थी, लेकिन सरकार बनते ही मईया सम्मान योजना में कई नई शर्तें थोप दी है. बीजेपी राज्य की महिलाओं से मईया सम्मान योजना की राशि वसूली नहीं होने देगी.इसके साथ ही बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक पेपर कटिंग भी सोशल मीडिया पर डाला. जिसके मुताबिक रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने जिले के सभी सीओ, बीडीओ और सीआरपी को यह निर्देश दिया है कि मुख्यमंत्री मईया समान योजना में यदि कोई अयोग्य लाभार्थी हैं तो उसे चिन्हित करते हुए ,सूची से उसका नाम हटाया जाए. ऐसे अयोग्य लाभार्थी से सम्मान राशि के रूप में प्राप्त लाभ (राशि) की वसूली भी करें.
मरांडी के आरोपों को जेएमएम ने नकारा
वहीं, इस मुद्दे पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि सही लाभार्थियों से नहीं बल्कि ऐसे लोग जिन्होंने सूचनाओं छुपाई होगी,गलत पेपर दिया होगा, जो मापदंड के तहत योग्य नही है, लेकिन भ्रमित करके अगर लाभ लिया है, जिनकी संख्या बिल्कुल कम होगी. ऐसे लोगों पर नियम संगत करवाई होनी ही चाहिए और सूची से नाम हटना चाहिए. अगर अधिकारियों की गलती पाई जाती है तो उन लोगों की भी जिम्मेदारी तय की जाए. वैसे जो महिला लाभार्थी योजना की आहर्ता पूरी करती है, उन्हें सरकार की ओर से 2500 रुपए दिया जा रहा है.मईया योजना की सम्मान राशि की 5वीं किस्त के रूप में दिसंबर महीने से 50 लाख से ज्यादा महिला लाभुकों को राज्य सरकार 1000 से बढ़ा कर 2500 रुपया देने जा रही है. इसके लिए बकायदा छठी झारखण्ड विधानसभा के पहले सत्र के दौरान 11697 करोड़ रुपए का दूसरा अनुपूरक बजट राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने पेश किया. इस बजट की राशि में से मईया सम्मान योजना संचालित करने वाले विभाग महिला बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा विभाग को सबसे अधिक 6390.55 करोड़ रुपए का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है.

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