
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोकसभा सांसद भर्तृहरि महताब को संविधान के अनुच्छेद 95(1) के तहत लोकसभा का प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है। प्रोटेम स्पीकर लोकसभा के अध्यक्ष के चुनाव तक उनके कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।
भर्तृहरि महताब की बात करें तो वह ओडिशा की कटक सीट से सात बार के लोकसभा सांसद हैं। इसी साल ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) को बड़ा झटका देते हुए भर्तृहरि महताब ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे दिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे। गौरतलब है कि संसद की बहसों में सराहनीय प्रदर्शन के लिए महताब को 2017 से लगातार चार वर्षों तक ‘संसद रत्न’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि अस्थायी लोकसभा अध्यक्ष की सहायता पीठासीन अधिकारियों का एक पैनल करेगा जिसमें कांग्रेस नेता के. सुरेश, द्रमुक नेता टीआर बालू, भाजपा के राधा मोहन सिंह और फग्गन सिंह कुलस्ते तथा तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय शामिल हैं। महताब लोकसभा चुनाव से पहले बीजू जनता दल (बीजद) छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। अठारहवीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून से शुरू होगा। नवनिर्वाचित सदस्य 24-25 जून को शपथ लेंगे। लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव 26 जून को होना है।
कौन होता है प्रोटेम स्पीकर?
प्रोटेम स्पीकर (Pro tem Speaker) वह व्यक्ति होता है जिसे संसद में अस्थायी रूप से अध्यक्ष के रूप में कार्य करने के लिए नियुक्त किया जाता है। आमतौर पर यह नियुक्ति तब की जाती है जब नियमित अध्यक्ष या स्पीकर का चुनाव नहीं हुआ होता है या किसी कारणवश वे उपस्थित नहीं होते हैं।
प्रोटेम स्पीकर का मुख्य कार्य नए निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाना और नए स्पीकर के चुनाव की प्रक्रिया को संचालित करना होता है। प्रोटेम स्पीकर आमतौर पर सबसे वरिष्ठ सदस्य या सबसे अधिक अनुभव वाले सदस्य को बनाया जाता है।
प्रोटेम स्पीकर की भूमिका अस्थायी होती है और नए स्पीकर के चुनाव के बाद उनकी जिम्मेदारी समाप्त हो जाती है। उनके कार्यों में निष्पक्षता और तटस्थता की अपेक्षा की जाती है ताकि नए स्पीकर का चुनाव सुचारू और निष्पक्ष तरीके से हो सके।