मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में दशकों बाद एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। राज ठाकरे (MNS) और उद्धव ठाकरे (Shiv Sena-UBT) न केवल साथ आए हैं, बल्कि एक सुर में बीजेपी के खिलाफ हुंकार भी भरी है। आगामी 15 जनवरी को होने वाले BMC और अन्य निकाय चुनावों से पहले दोनों भाइयों ने एक संयुक्त साक्षात्कार में बीजेपी पर मुंबई को महाराष्ट्र से तोड़ने का आरोप लगाया है।
साक्षात्कार की 4 बड़ी बातें:
- ‘मराठी मानुष’ के अस्तित्व का सवाल:राज ठाकरे ने चेतावनी दी है कि अगर बीजेपी महानगर पालिकाओं (BMC) की सत्ता पर काबिज हो गई, तो ‘मराठी मानुष’ पूरी तरह शक्तिहीन हो जाएगा। उन्होंने कहा, “हम अपने अस्तित्व के लिए नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के गौरव के लिए साथ आए हैं।”
- मुंबई को अलग करने की ‘साजिश’:राज ठाकरे ने पुराने घावों को कुरेदते हुए कहा कि आज हालात वैसे ही हैं जैसे ‘संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन’ के समय थे। उन्होंने आरोप लगाया कि तब गुजरात मुंबई को चाहता था और आज भी केंद्र में बैठे लोग मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की साजिश रच रहे हैं।
- बाहरी लोगों का मुद्दा:राज ने चिंता जताई कि बाहरी लोग अब सिर्फ रोजी-रोटी के लिए नहीं आ रहे, बल्कि वे यहां अपने वोट बैंक और निर्वाचन क्षेत्र बना रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों का हक मारा जा रहा है।
- उद्धव का हमला- ‘यह ठेकेदारों की सरकार’:पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने राज्य सरकार को ‘ठेकेदारों की सरकार’ करार दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा विकास बिना किसी योजना के हो रहा है, जो प्रगति नहीं बल्कि विनाश की ओर ले जाएगा। सरकार को पता ही नहीं है कि वह क्या कर रही है।
गठबंधन का लक्ष्य: 7 शहर
दोनों भाइयों ने बीएमसी (मुंबई) के साथ-साथ पुणे, ठाणे, नासिक, मीरा-भयंदर, कल्याण-डोम्बिवली और छत्रपति संभाजीनगर जैसे प्रमुख शहरों पर स्थानीय नेतृत्व का नियंत्रण वापस लाने के लिए हाथ मिलाया है।