महाकुंभ का विरोध करने वालों को वोटबैंक की चिंता : दयाशंकर सिंह

उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि जो सनातन संस्कृति और सभ्यता को मानता है, उसे लगता है कि गंगा में नहाने से उसके पाप धुल जाते हैं। मरते समय भी इंसान के मुंह में गंगाजल और तुलसी दल दिया जाता है, यह हमारी भारतीय संस्कृति है। हमारी संस्कृति को दुनिया मान रही है। महाकुंभ का विरोध करने वालों को केवल अपने वोट बैंक की चिंता सता रही है।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि दुनिया के विकसित देश अमेरिका, जर्मनी, इंग्लैंड तुलसी जी को माता कहने पर हमारा मजाक उड़ाते थे। कोरोना संकट के दौरान लोगों ने देखा कि लोग तुलसी का काढ़ा पीकर ठीक हो गए, तब इसे दुनिया ने भी स्वीकार किया। जैसे मां अपने बच्चों की रक्षा करती है। वैसे ही तुलसी जी ने भी सबकी रक्षा की है। अमेरिका के व्हाइट हाउस में भारत के विद्वान पंडितों को बुलाकर शांति पाठ का आयोजन किया गया। पूरी दुनिया भारत की सभ्यता-संस्कृति को मान रही है।

राजद के वरिष्ठ नेता लालू यादव के बयान पर उन्होंने कहा कि लालू जी खुद छठ पूजा मनाते हैं। वह गंगा की गोद में रहते हैं। सूर्य को अर्घ्य देते हैं। वह केवल राजनीतिक भाषा बोल रहे हैं। मन से जानते हैं कि गंगा जी में क्या ताकत है। गंगा जी की ताकत सबको पता है।

 

उन्होंने महाकुंभ पर कहा कि देश में कोई भी बड़ा सामाजिक अनुष्ठान होता है तो वहां आरएसएस के लोग स्वयं रहते हैं, किसी को बुलाना नहीं पड़ता है। इसकी बानगी कोरोना संकट में भी देखने को मिली थी, जो लोग बयान दे रहे हैं, वे अपने क्षेत्र में नहीं जाते थे। उस समय कोरोना संकट में संघ के स्वयंसेवक लोगों को खाना खिलाते थे। वहीं, महाकुंभ में भी स्वयंसेवक अनगिनत संख्या में लोगों की सेवा कर रहे हैं।

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