Kolkata Gangrape Case, कोलकाता। दक्षिण कोलकाता स्थित लॉ कॉलेज में 24 वर्षीय छात्रा से गैंगरेप की घटना के बाद राज्य की राजनीति में उबाल आ गया है। इस जघन्य अपराध के बाद जहां जन आक्रोश लगातार बढ़ रहा है, वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो वरिष्ठ नेताओं—सांसद कल्याण बनर्जी और विधायक मदन मित्रा—के विवादास्पद बयानों ने पार्टी को संकट में ला खड़ा किया है।
हालांकि, पार्टी ने तुरंत इन बयानों से किनारा कर लिया है, लेकिन विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस मौके को हाथ से नहीं जाने दिया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग तक कर दी है।
क्या बोले थे टीएमसी नेता?
घटना को लेकर विधायक मदन मित्रा ने बयान देते हुए कहा, “अगर कॉलेज बंद होने के बाद कोई किसी पद का लालच देकर बुलाए, तो वहां नहीं जाना चाहिए… अगर वह लड़की वहां नहीं गई होती, तो यह घटना नहीं होती। अगर वह किसी को बता देती या दोस्तों को साथ ले जाती, तो यह टल सकता था। जिसने यह गंदा काम किया, उसने मौके का फायदा उठाया।”
वहीं, सांसद कल्याण बनर्जी ने भी पीड़िता की सुरक्षा को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा, “अगर एक दोस्त अपने दोस्त का रेप करता है, तो आप सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करेंगे? क्या विद्यालयों में पुलिस तैनात की जाएगी?”
इन बयानों की चौतरफा आलोचना हो रही है।
टीएमसी ने नेताओं से किया किनारा
टीएमसी ने स्पष्ट किया है कि दोनों नेताओं की टिप्पणियां उनकी व्यक्तिगत राय हैं और पार्टी उनसे सहमत नहीं है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “सांसद कल्याण बनर्जी और विधायक मदन मित्रा ने दक्षिण कलकत्ता विधि महाविद्यालय में हुए जघन्य अपराध पर जो टिप्पणियां की हैं, वे व्यक्तिगत हैं। पार्टी स्पष्ट रूप से खुद को इन बयानों से अलग करती है और इनकी कड़ी निंदा करती है।”
महुआ मोइत्रा ने अपनी ही पार्टी के नेताओं को घेरा
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इन बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “भारत में महिलाओं के प्रति नफरत सभी राजनीतिक पार्टियों में देखने को मिलती है। टीएमसी में फर्क सिर्फ इतना है कि पार्टी ऐसी शर्मनाक टिप्पणियों की खुलकर निंदा करती है।”
घटना पर कार्रवाई: तीन आरोपी गिरफ्तार, SIT गठित
यह मामला 25 जून का है, जब लॉ कॉलेज की छात्रा ने शिकायत दर्ज कराई कि कॉलेज परिसर के गार्ड रूम में दो वरिष्ठ छात्रों और एक पूर्व छात्र ने उसके साथ बलात्कार किया। पुलिस ने मनोजीत मिश्रा, प्रोमित मुखर्जी और जैद अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। जन दबाव को देखते हुए कोलकाता पुलिस ने इस केस की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है।
यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि राजनीतिक बयानबाज़ी के चलते भी लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।