कोलकाता के चोर बागान स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम हुई भगदड़ के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में घमासान मच गया है। हादसे में कई लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की खबर के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। टीएमसी ने पूजा आयोजन समिति में सत्तारूढ़ दल से जुड़े प्रभावशाली लोगों की मौजूदगी का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया है कि आखिर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी। पार्टी ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के भतीजे देबदीप अधिकारी समेत समिति से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच और उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं, मामले की जांच के लिए सात लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। मुख्यमंत्री ने कलकत्ता हाई कोर्ट के एक मौजूदा न्यायाधीश की अगुवाई में विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की घोषणा भी की है।
TMC ने पूजा समिति और प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि चोर बागान सर्वजनिन दुर्गोत्सव समिति के संबंध मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के भतीजे देबदीप अधिकारी से हैं। पार्टी ने सवाल किया कि कथित तौर पर आयोजन से जुड़े देबदीप अधिकारी की गिरफ्तारी कब होगी। टीएमसी प्रवक्ता और कोलकाता के विधायक कुणाल घोष ने प्रशासन पर भगदड़ रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया और कहा कि पूजा समिति को हादसे की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
कुणाल घोष ने कहा, “यह हादसा प्रशासन की पूरी विफलता है और संबंधित पूजा समिति को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए. इसमें कई प्रभावशाली लोग शामिल हैं, लेकिन फिलहाल हम अस्पताल में हैं. कल शाम से हमारी प्राथमिकता राहत कार्य और घायलों का इलाज सुनिश्चित करना है.”
घोष ने मुख्यमंत्री के बयान को भी अधूरा करार देते हुए आरोप लगाया कि इसके माध्यम से जिम्मेदारी से बचने, लोगों को गुमराह करने और मुद्दे से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पूजा समिति के पदाधिकारियों को तत्काल गिरफ्तार करने के साथ नगर निगम के संबंधित अधिकारियों और ओएसडी को पद से हटाने की मांग की। टीएमसी नेता का दावा है कि समिति में बीजेपी के कई सदस्य शामिल हैं और उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बारिश को हादसे की वजह बताए जाने पर भी सवाल उठाए। घोष के मुताबिक, बारिश कोई असामान्य घटना नहीं है और इसे दुर्घटना का कारण बताकर प्रशासन की नाकामी से ध्यान हटाया नहीं जा सकता।
संकरी गली में कैसे मची भगदड़? जांच में सामने आएंगे अहम सवाल
यह घटना शनिवार शाम करीब 7:30 बजे उत्तरी कोलकाता के चोर बागान इलाके में हुई। यह क्षेत्र शहर के प्रमुख दुर्गा पूजा स्थलों में गिना जाता है। दुर्गा पूजा की सप्तमी के अवसर पर पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान संकरी गली से बाहर निकलने की कोशिश में भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई।
घटना के समय कोलकाता में बारिश हो रही थी, जिसके कारण सड़कें और रास्ते फिसलन भरे हो गए थे। सीमित जगह और भारी भीड़ के चलते हालात बिगड़ने की बात सामने आई है। हालांकि, भगदड़ की वास्तविक वजह और सुरक्षा इंतजामों में संभावित लापरवाही की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। हादसे के बाद भीड़ प्रबंधन, प्रवेश और निकास मार्गों की व्यवस्था तथा आयोजन समिति की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पुरानी पूजा समिति के इस्तीफे का पत्र साझा कर TMC ने लगाए आरोप
कुणाल घोष ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर चोर बागान सर्वजनिन दुर्गोत्सव समिति के कथित पूर्व महासचिव जयंत बनर्जी का एक पत्र साझा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मई में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद पुरानी समिति के सदस्यों पर इस्तीफा देने का दबाव बनाया गया और उनकी जगह नई समिति गठित कर दी गई।
घोष ने बंगाली भाषा में पोस्ट कर लोगों से पुरानी समिति के सदस्यों के इस्तीफे से जुड़े पत्र को देखने और नई समिति में शामिल लोगों के बारे में जानकारी हासिल करने की अपील की। बताया गया कि 17 जुलाई को लिखे गए कथित पत्र में जयंत बनर्जी ने महासचिव पद छोड़ने के साथ समिति के सात अन्य सदस्यों के इस्तीफे का भी उल्लेख किया था। हालांकि, इस पत्र की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
चोर बागान क्षेत्र जोरासांको विधानसभा सीट के अंतर्गत आता है। मई में हुए चुनाव में बीजेपी विधायक विजय ओझा ने टीएमसी उम्मीदवार विजय उपाध्याय को हराकर जीत दर्ज की थी। विजय ओझा नई पूजा समिति के अध्यक्ष हैं।
रविवार को घटनास्थल का दौरा करने के बाद ओझा ने पत्रकारों से कहा, “मैं भी समिति में हूं. मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं.” जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें इस साल पंडाल के प्रवेश और निकास मार्गों के सुरक्षा मानकों के हिसाब से संकरा होने की जानकारी थी, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी।
अभिषेक बनर्जी का सुवेंदु अधिकारी पर हमला, भतीजे की गिरफ्तारी पर सवाल
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी भगदड़ की घटना को लेकर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर निशाना साधा। उन्होंने पूजा समिति और मुख्यमंत्री के भतीजे देबदीप अधिकारी के कथित संबंधों पर सवाल उठाए। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी की उत्तर कोलकाता इकाई के अध्यक्ष तमोघ्न घोष भी पंडाल की व्यवस्थाओं से जुड़े हुए थे।
अभिषेक बनर्जी ने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा, “सुवेंदु बाबू, दोषी भतीजे को जेल में कब डालेंगे?” उन्होंने आशंका जताई कि विधायक विजय ओझा, तमोघ्न घोष और मुख्यमंत्री के भतीजे को बचाने की कोशिश हो सकती है।
टीएमसी नेता ने मुख्यमंत्री से एक प्रशासक के तौर पर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। इस बयान के बाद भगदड़ की घटना को लेकर राज्य में बीजेपी और टीएमसी के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।
BJP का पलटवार, कहा- किसी के रहते ऐसी त्रासदी क्यों होगी?
टीएमसी के आरोपों पर बीजेपी ने भी जवाब दिया है। राज्य बीजेपी के प्रवक्ता और काशीपुर-बेलगछिया विधानसभा सीट से विधायक रितेश तिवारी ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है कि मुख्यमंत्री का कोई रिश्तेदार पूजा समिति से जुड़ा है या नहीं। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मुख्यमंत्री का कोई रिश्तेदार समिति में शामिल भी है, तो क्या वह अपने रहते ऐसी त्रासदी होने देना चाहेगा?
तिवारी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के नेता पार्थ चटर्जी, अरूप बिस्वास और फिरहाद हकीम लंबे समय से सामुदायिक दुर्गा पूजा आयोजनों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी के कुछ नेता भी पूजा समितियों का हिस्सा हो सकते हैं और इसमें अपने आप में कुछ गलत नहीं है।
बीजेपी विधायक सजल घोष ने भी कहा कि फिलहाल यह तय करना जल्दबाजी होगी कि हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने माना कि आयोजन में गलतियां हो सकती हैं। उनके मुताबिक, अगर बारिश नहीं होती, तो शायद ऐसी घटना का सामना नहीं करना पड़ता। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में कुछ भी छिपाने की कोशिश नहीं की जा रही है।
राहुल गांधी ने जताया दुख, निष्पक्ष जांच और बेहतर इलाज की मांग
कोलकाता के चोर बागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
राहुल गांधी ने कहा कि हादसे में कई लोगों की जान जाने और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने प्रशासन से सभी घायलों को तत्काल और उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की अपील की। साथ ही, घटना की निष्पक्ष जांच कराने पर जोर दिया, ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी को रोका जा सके।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी राहत कार्यों में हरसंभव सहयोग देने की अपील की। फिलहाल, हादसे की जांच और जिम्मेदार लोगों की भूमिका को लेकर सबकी नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि भगदड़ किन परिस्थितियों में हुई और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।