
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कजाकिस्तान प्लेन क्रैश के लिए अपने अजरबैजानी समकक्ष से माफी मांगी है. इस दुर्घटना में 38 लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई लोग बुरी तरह से घायल हुए हैं. शनिवार को रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने कहा कि बुधवार को यूक्रेन ड्रोन हमले के कारण ग्रोज्नी के करीब एयर डिफेंस सिस्टम ने गोलीबारी की थी. हालांकि, बयान में इससे परहेज किया गया कि विमान रूसी एयर डिफेंस की गोलीबारी का निशाना बना. अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर रूस ने विमान क्रैश के तीन दिन बाद माफी क्यों मांग रहे हैं?
एक तरफ विमान हादसे की जांच और कई दावे हैं तो दूसरी तरफ राष्ट्रपति पुतिन ने सीधे अजरबैजान के राष्ट्रपति को फोन किया और क्रैश के लिए माफी मांग ली है. 25 दिसंबर को अजरबैजान का विमान (J2-8243) कजाकिस्तान में क्रैश हुआ था, लेकिन हादसे की वजह रूसी मिसाइल की टक्कर बताई जा रही है. यही वजह है कि पुतिन ने हादसे पर दुख जताते हुए माफी मांगी है. रिपोर्ट के मुताबिक प्लेन अजरबैजान की राजधानी बाकू से रूस के गोज्नी जा रहा था.
पुतिन के माफी मांगने के पीछे ये हो सकती हैं वजहें
विमान हादसे में पुतिन माफी इसलिए मांग रहे हैं क्योंकि उनको पता है कि प्लेन एक यात्री विमान था. ऐसे में एक यात्री विमान पर हमला करना या फिर उसे मार गिराना किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है. फिर चाहे युद्ध ही क्यों न हो रहा है. युद्ध में भी देश ऐसी चीजों से बचते हैं. एक बात ये भी है कि विमान हादसे की वजह से रूस की दुनियाभर में किरकिरी हो रही है. घटना की गंभीरता को देखते हुए कुछ देश इस मुद्दे को हवा दे सकते हैं और संयुक्त राष्ट्र में पुतिन को कटघरे में खड़ा कर सकते हैं.
यूक्रेन के खिलाफ जंग को लेकर रूस पहले से ही नाटो देशों का विरोध झेल रहा है. अब अगर यही स्थिति रही तो फिर दुनियाभर की विमान कंपनियां रूसी शहरों के लिए उड़ान भरने से इनकार भी कर सकती है जिसका असर सीधे-सीधे वहां की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा. नए तरह के प्रतिबंधों का भी सामना करना पड़ सकता है. इसमें कोई दो राय नहीं कि पुतिन इन सब बातों से वाकिफ होंगे. माना जा रहा है कि इसलिए पुतिन ने हादसे को लेकर माफी मांगी है.
कैसे क्रैश हुआ विमान, रहस्य से उठने लगा पर्दा
अजरबैजान का विमान कैसे क्रैश हुआ, आखिरी वक्त में विमान के साथ क्या हुआ? इसका रहस्य अब बहुत हद तक साफ होने लगा है. अजरबैजान की सरकार के मुताबिक विमान के क्रैश की अहम वजह बाहर से विमान पर हमला या तकनीकी प्रहार है. विमान हादसे से ठीक पहले एक जोरदार धमाके की आवाज सुनी गई. दावा किया जा रहा है कि किसी हथियार के हमले की वजह से ही विमान क्रैश हुआ.
अजरबैजान एयरलाइंस के मुताबिक विमान पर बाहर से हमला किया गया. इसलिए अंदेशा जताया जा रहा है कि रूसी एयर डिफेंस की मिसाइलों ने ही विमान को गिराया है. कई रिपोर्ट्स में मिलिट्री एक्सपर्ट्स ने भी शंका जाहिर की है कि हो सकता है कि इस विमान को रूस ने ‘गलती’ से मिसाइल से उड़ा दिया हो. विमान में 62 यात्री और पांच क्रू मेंबर सवार थे. जिंदा बचे यात्रियों ने धमाकों की पुष्टि की है.
विमान के बाहरी हिस्से पर मिसाइल हमले के निशान
रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान के बाहरी हिस्से पर भी मिसाइल हमले के निशान हैं. बाहरी हिस्से में कई जगह छर्रे लगे हैं जो मिसाइल हमले की गवाही दे रहे हैं. दावा है कि मिसाइलों के छर्रों से ही विमान को नुकसान हुआ. विमान के बाहरी हिस्से में बड़े-बड़े छेद भी दिखाई दे रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक अजरबैजान एयरलाइंस का विमान उस इलाके में उड़ान भर रहा था, जहां यूक्रेन के ड्रोन हमले की चेतावनी थी. इसलिए अनुमान है कि विमान का गलती से एयर-डिफेंस मिसाइल से आमना-सामना हो गया होगा. रूसी एयर ट्रांसपोर्ट एजेंसी के प्रमुख के मुताबिक जब विमान दक्षिणी रूस में उतरने की कोशिश कर रहा था, उसी समय यूक्रेनी लड़ाकू ड्रोन ग्रोज्नी पर हमले कर रहा था.
इसलिए अजरबैजान के विमान को उतरने की इजाजत नहीं मिली. यूक्रेन का आरोप है कि रूस ने अपनी गलती छिपाने के लिए ही विमान को कैस्पियन सागर के पार भेजा था, ताकि विमान एयर डिफेंस की मौजूदगी वाले इलाके से दूर जाकर क्रैश हो.