
देव गुरु बृहस्पति 12 साल बाद मेष राशि में वक्री होने जा रहे हैं. जिसका सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव मनुष्य जीवन पर पड़ता है. देव गुरु बृहस्पति समय-समय पर उदय और अस्त भी होते हैं.12 साल बाद देव गुरु स्वराशि मीन में हैं और अब उल्टी चाल चलेंगे. देव गुरु बृहस्पति 4 सितंबर 2023 से वक्री होंगे. देव गुरु बृहस्पति की मीन में वक्री चाल का असर सभी राशि वालों के जीवन पर होगा. आपको बता दें कि गुरु ग्रह अभी मेष राशि में गोचर कर रहे हैं. ग्रह गोचर के अलावा ग्रहों की उल्टी चाल को ग्रहों का वक्री होना और ग्रहों की सीधी चाल को ग्रहों का मार्गी होना कहा जाता है. आइए जानते हैं कि कौन सी वो राशियां हैं जिन्हें देव गुरु के उल्टी चाल चलने से विशेष लाभ मिलेगा.
कुंडली में सबसे लाभकारी ग्रह होते हैं देव गुरु बृहस्पति
वैदिक ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, देव गुरु बृहस्पति सबसे लाभकारी ग्रह है, जो कि मनुष्य जीवन में सकारात्मक लाभ प्रदान करते हैं. मनुष्य जीवन में धन, नौकरी, विवाह में सुख और समृद्धि के लिए कुंडली में गुरु का मजबूत होना जरुरी बताया गया है. इसके साथ ही नए वाहन का सुख, नए भवन का सुख, आर्थिक लाभ भी कुंडली में जब गुरु मजबूत होते हैं तभी मिलता है. कुंडली में जब गुरु कमजोर होते हैं तो पेट संबंधी समस्याएं और आर्थिक नुकासान होता है. इसके साथ ही समय पर विवाह और भवन सुख नहीं मिलता है.