
शनिवार की शाम जारी तमाम एग्जिट पोल्स जम्मू-कश्मीर में शंडित जनादेश का इशारा कर रहे हैं। हालांकि, असली तस्वीर आठ अक्टूबर को ही साफ हो पाएगी, जब चुनाव नतीजे सामने आएंगे।
इससे पहले जारी एग्जिट पोल नतीजों में कांग्रेस और नेशनल कॉन्प्रेन्स गठबंधन को सबसे बड़े गठबंधन के रूप में दिखाया गया है, जबकि भाजपा को दूसरे नंबर पर रहने के का अनुमान जताया गया है।
दैनिक भास्कर के सर्वे में इंडिया अलायंस को 35 से 40 सीट मिलने का अनुमान जताया गया है, जबकि भाजपा को 20 से 25 और पीडीपी को 4 से 7 सीटें मिलने की भविष्यवाणी की गई है। इसी तरह इंडिया टुडे-सी वोटर ने भी इंडिया अलायंस को 40 से 48, भाजपा को 27 से 32 और पीडीपी को 6 से 12 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। इसके अलावा गुलिस्तान न्यूज के सर्वे में इंडिया अलायंस को 31 से 36 सीट मिलने का अनुमान जताया गया है। हालांकि, पीपुल्स पल्स के सर्वे में भी इंडिया अलायंस को 46 से 50 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।
पांच साल पहले अनुच्छेद 370 हटने, राज्य का दर्जा छिनने और राज्य का पुनर्गठन कर उसे केंद्रशासित प्रदेश बनाने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव हुए हैं। लोगों ने इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। जम्मू-कश्मीर में कुल तीन चरणों में चुनाव हुए हैं। इस बार के चुनावों में तीनों चरणों में मिलाकर कुल 63.88 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया है, जो लोकसभा चुनावों के मत प्रतिशत 58.58 फीसदी से ज्यादा है।