जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की गायब चाबियों पर गरमाई राजनीति, अब पांडियन का PM मोदी पर पलटवार

डिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी वीके पांडियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की चाबियों के गायब होने का मुद्दा भाजपा नेताओं ने चुनाव के दौरान उठाया, मगर इसका कोई चुनावी लाभ नहीं मिलने वाला है।

पांडियन ने कहा कि बीजद सरकार इस मुद्दे पर हमेशा पारदर्शी रहा है। रथ यात्रा के समय जल्द ही रत्न भंडार खोल दिए जाएंगे। दरअसल, हाल ही में पीएम मोदी ने 6 साल पहले गायब हुई भगवान जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की चाबियों का मुद्दा उठाया था। इस पर पांडियन ने कहा, ‘यह मामला उड़ीसा हाई कोर्ट की जांच के तहत है। इसे लेकर समिति बनाई गई है। कमेटी ने रथ यात्रा के दौरान रत्न भंडार खोलने का फैसला किया है, उस समय इसे खोला जाएगा और सब कुछ पता चल जाएगा।’

वीके पांडियन ने राज्य में भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारकों को राजनीतिक पर्यटक बताया और कहा कि वे ओडिशा की राजधानी का नाम तक नहीं बता सकते। पांडियन ने यह भी विश्वास जताया कि पटनायक लगातार छठी बार सत्ता में लौटेंगे। उन्होंने पटनायक के शपथ लेने की तारीख और समय तक की भी घोषणा कर दी। पटनायक का दायां हाथ माने जाने वाले पांडियन ने दावा किया कि बीजू जनता दल चुनावों में बड़ी सफलता हासिल कर रहा है और उसे 147 सदस्यीय विधानसभा में तीन-चौथाई बहुमत मिलेगा।

‘बॉस दोनों सीटों पर भारी मतों के अंतर से जीतेंगे’
ओडिशा में लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा चुनाव भी कराए जा रहे हैं। पटनायक ने 2 सीटों गंजाम जिले की हिंजिली और बोलांगिर जिले की कांटाबांजी से चुनाव लड़ा है जहां सोमवार को मतदान हुआ। भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी पांडियन वर्षों से पटनायक के विश्वासपात्र रहे हैं और अब स्टार राजनीतिक प्रचारक हैं। उन्होंने कहा कि उनके बॉस दोनों सीटों पर भारी मतों के अंतर से जीत दर्ज करेंगे। उन्होंने कहा कि हमने शपथ ग्रहण का समय भी तय कर दिया है। 9 जून को सुबह साढ़े 11 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच माननीय मुख्यमंत्री शपथ लेंगे।

क्या पटनायक के खिलाफ सत्ता विरोधी प्रचंड लहर?
वीके पांडियन ने पीएम मोदी के उस बयान को खारिज कर दिया कि 77 वर्षीय पटनायक के खिलाफ सत्ता विरोधी प्रचंड लहर है और बीजद के लिए इन चुनावों में अस्तित्व बचाना तक मुश्किल हो जाएगा। पांडियन ने कहा, ‘मोदी ने 2019 में भी यही बात कही थी लेकिन पटनायक ने प्रधानमंत्री को उनके शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया था।’ उन्होंने कहा कि वह माननीय प्रधानमंत्री को शपथ ग्रहण के लिए फिर से आमंत्रित करेंगे। इस बार हमें उम्मीद है कि वह कुछ उपहार लेकर आएंगे। ओडिशा के लोगों को जिन उपहार की जरूरत है, उनमें राज्य को विशेष दर्जा देने, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने और कोयला खनन पर केंद्र सरकार द्वारा राज्य को उच्च राजस्व देने की लंबे समय से की जा रही मांग शामिल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *