Israel-Iran Ceasefire: इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी मध्यस्थता और कतर की भूमिका से हाल ही में एक सीजफायर लागू किया गया था, लेकिन इस सीजफायर के बावजूद इजरायल ने ईरान पर हमले जारी रखने का आरोप लगाया है।
इजरायल के रक्षा मंत्री ने दावा किया कि सीजफायर के लागू होने के बावजूद ईरान ने हमले किए हैं। उन्होंने कहा कि इस उल्लंघन का करारा जवाब दिया जाएगा। हालांकि, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ISNA ने इस आरोप को सिरे से नकारा है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि युद्धविराम के बाद उसने कोई भी सैन्य कार्रवाई नहीं की है।
IAEA ने ईरान से बैठक की अपील की
इस बीच, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने ईरान को बैठक के लिए बुलाया है। IAEA के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची को एक पत्र लिखा है, जिसमें सीजफायर के बाद दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का आग्रह किया गया है।
ग्रॉसी ने अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यदि ईरान परमाणु एजेंसी के साथ सहयोग फिर से शुरू करता है, तो यह तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रहे विवाद का कूटनीतिक समाधान निकाल सकता है।
सीजफायर के बावजूद तनाव बरकरार
हालांकि सीजफायर लागू हो गया है, लेकिन इस समझौते के बावजूद दोनों देशों के बीच स्थिति में कोई खास सुधार नहीं आया है। इजरायल का कहना है कि ईरान का हमला सीजफायर की शर्तों का उल्लंघन है, जबकि ईरान ने इसे निराधार बताया है।
ईरान और इजरायल के बीच तनाव का यह नया मोड़ वैश्विक स्तर पर चिंता का कारण बना हुआ है। संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस पर नजर बनाए हुए हैं।
इन घटनाक्रमों से यह साफ है कि भले ही सीजफायर लागू हो, लेकिन इजरायल और ईरान के बीच पूरी तरह से शांति स्थापित होना अभी दूर की बात है। विश्व समुदाय इस संघर्ष को सुलझाने के लिए प्रयासरत है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए कोई ठोस समाधान सामने आता नहीं दिख रहा।