अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान को लेकर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप के उस दावे के बाद कि वह ईरान के शीर्ष नेताओं को एक साथ निशाना बना सकते थे, ईरान ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके पास न सभ्यता है, न इतिहास और न ही सम्मान।
ट्रंप के बयान के बाद ईरान ने जताया कड़ा विरोध
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से ठीक पहले कहा था कि जब ईरान के वरिष्ठ नेता एक स्थान पर एकत्र हुए थे, तब उन्हें एक साथ खत्म किया जा सकता था। इस बयान के बाद ईरान की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई।
रविवार को अंतिम संस्कार की अंतिम प्रार्थना के दौरान खामेनेई के तीन बेटे और कई वरिष्ठ ईरानी नेता सार्वजनिक रूप से मौजूद रहे। हालांकि, वर्तमान सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई अपने पिता को श्रद्धांजलि देने के लिए सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए।
ईरान बोला- अमेरिका हमारे शोक को नहीं समझ सकता
ट्रंप की टिप्पणी के जवाब में आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट जारी किया। इसमें कहा गया कि अपनी 250वीं वर्षगांठ मना रहा अमेरिका ईरान के दुख और शोक को कभी समझ नहीं सकता, क्योंकि उसके पास न तो सभ्यता है, न इतिहास और न ही सम्मान।
‘लोगों को मारा जा सकता है, आदर्शों को नहीं’
ईरान ने अपने बयान में कहा कि किसी व्यक्ति की हत्या की जा सकती है, लेकिन उसके विचारों और आदर्शों को समाप्त नहीं किया जा सकता।
ईरान ने कहा, “लोगों को मारा जा सकता है. उनके आदर्शों को नहीं. आपने अयातुल्लाह खामेनेई को मार डाला. लेकिल असल में आपने इत्र की एक शीशी तोड़ दी. इसकी खूशबू हर जगह फैल गई. आप इन चीजों को नहीं समझ सकते, क्योंकि न आपके पास सभ्यता है, न इतिहास और न सम्मान.”
ट्रंप के अन्य बयानों पर भी जताई आपत्ति
ईरान ने ट्रंप के उन अन्य बयानों पर भी आपत्ति जताई, जिनमें तेहरान पर कड़ी सैन्य कार्रवाई, एक ही हमले में सब कुछ खत्म करने और ईरान को शोक मनाने के लिए एक सप्ताह का समय देने जैसी टिप्पणियां शामिल थीं। ईरान का कहना है कि ऐसे बयान क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाले हैं और शांति के हित में नहीं हैं।