यूरोप में रिकॉर्डतोड़ हीटवेव और बढ़ती मौतों के बीच ईरान ने फ्रांस, इटली, ब्रिटेन समेत यूरोपीय देशों को एक बड़ा प्रस्ताव दिया है। ईरान ने कहा है कि यदि उस पर लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध (Sanctions) हटा दिए जाएं, तो वह यूरोप को एयर कंडीशनर (AC) और अन्य कूलिंग उपकरणों का निर्यात करने के लिए तैयार है। ईरान ने इसे यूरोपीय देशों के लिए एक “दोस्ताना सुझाव” बताया है।
ईरानी दूतावास ने X पर दिया प्रस्ताव
तुर्किये में ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा, ‘यूरोप में अभूतपूर्व हीटवेव और पर्याप्त कूलिंग सिस्टम की कमी के कारण हुई निर्दोष लोगों की मौतों को देखते हुए हमारा एक दोस्ताना सुझाव है. अपने लोगों की सुरक्षा के लिए ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध हटा दीजिए. हम यूरोप को विभिन्न प्रकार के एयर कंडीशनर और कूलिंग उपकरण निर्यात करने के लिए तैयार हैं.’
ईरान के इस प्रस्ताव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा शुरू कर दी है, क्योंकि यह ऐसे समय आया है जब यूरोप भीषण गर्मी से जूझ रहा है।
‘प्रतिबंधों के बावजूद विकसित की अपनी तकनीक’
ईरान ने दावा किया कि वर्षों से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना करने के बावजूद उसने स्वदेशी तकनीक के जरिए एयर कंडीशनर उद्योग को विकसित किया है।
दूतावास ने कहा, ‘अच्छी खबर यह है कि प्रतिबंधों के बावजूद ईरान ने अपनी तकनीक से एयर कंडीशनर का सफलतापूर्वक निर्माण किया है. हमारे पास विशेषज्ञता भी है और उत्पादन क्षमता भी. अगर यूरोप खुद अपनी मदद करना चाहता है, तो हम उसकी मदद के लिए तैयार हैं.’
रिकॉर्डतोड़ हीटवेव से जूझ रहा है यूरोप
ईरान का यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब यूरोप हाल के वर्षों की सबसे भीषण गर्मी का सामना कर रहा है। जून के अंतिम सप्ताह में आई हीटवेव ने फ्रांस, नीदरलैंड, बेल्जियम और अन्य कई देशों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया।
भीषण गर्मी के कारण बिजली उत्पादन, परिवहन व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी भारी दबाव देखने को मिला।
फ्रांस, नीदरलैंड और बेल्जियम में 3,700 से अधिक अतिरिक्त मौतें
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, जून में आई हीटवेव के दौरान फ्रांस, नीदरलैंड और बेल्जियम में मिलाकर लगभग 3,700 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गईं। अधिकारियों का कहना है कि ये शुरुआती आंकड़े हैं और अंतिम संख्या इससे अधिक हो सकती है।
फ्रांस सबसे अधिक प्रभावित
इस भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर फ्रांस में देखा गया, जहां करीब 2,025 अतिरिक्त मौतें दर्ज की गईं। फ्रांस की स्वास्थ्य मंत्री स्टेफनी रिस्ट के अनुसार, 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में मृत्यु दर में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि 20 जून से 28 जून तक चली यह हीटवेव यूरोप के इतिहास की सबसे गंभीर गर्मी की घटनाओं में से एक रही।
जलवायु परिवर्तन के बीच नई चुनौती
विशेषज्ञों के मुताबिक, लगातार बढ़ती गर्मी और चरम मौसम की घटनाएं यूरोप के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं। इस बार की हीटवेव ने न केवल हजारों लोगों की जान ली, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और परिवहन व्यवस्था पर भी गंभीर प्रभाव डाला।
ऐसे समय में ईरान द्वारा प्रतिबंध हटाने के बदले एयर कंडीशनर और कूलिंग उपकरण उपलब्ध कराने का प्रस्ताव वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।