मिडिल ईस्ट (Middle East) में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है और एक भीषण युद्ध छिड़ चुका है। शनिवार (28 फरवरी 2026) को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर बड़ा हमला बोल दिया, जिसके जवाब में तेहरान ने भी पलटवार करते हुए मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी एयरबेसों पर भयंकर मिसाइलें दागी हैं। इस बेहद गंभीर और नाजुक वैश्विक स्थिति पर भारत सरकार (MEA) ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया और नागरिकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है।
भारत का आधिकारिक बयान: ‘संवाद से सुलझाएं मुद्दे, नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि’
भारतीय विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने खाड़ी क्षेत्र के इन हालिया घटनाक्रमों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। भारत ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है:
- संयम की अपील: भारत ने सभी पक्षों से तुरंत संयम बरतने और तनाव को और अधिक बढ़ने से रोकने का कड़ा आग्रह किया है।
- कूटनीति का रास्ता: विदेश मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि इस क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए युद्ध नहीं, बल्कि कूटनीति (Diplomacy) और बातचीत का सहारा लिया जाना चाहिए।
- संप्रभुता का सम्मान: सभी देशों की संप्रभुता (Sovereignty) और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए और किसी भी हाल में आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
भारतीय दूतावास की हाई अलर्ट एडवाइजरी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान की घोषणा के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। इसे देखते हुए ईरान और इजरायल में मौजूद भारतीय दूतावासों ने अपने नागरिकों के लिए सख्त एडवाइजरी (Advisory) जारी की है:
- सभी भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने और जहां तक संभव हो, घरों के अंदर (Stay Indoors) रहने की अपील की गई है।
- भारतीय मिशन अपने नागरिकों के लगातार संपर्क में हैं। उन्हें स्थानीय सुरक्षा गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने और दूतावास से मिलने वाले आगे के निर्देशों का इंतजार करने को कहा गया है।
नेतन्याहू की ईरान को खुली चेतावनी: ‘परमाणु हथियार नहीं मिलने देंगे’
इस भीषण जंग के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ बेहद आक्रामक बयान दिया है।
- उन्होंने कहा, “पिछले 47 सालों से अयातुल्ला अली खामेनेई की सरकार ‘इजरायल मुर्दाबाद’ और ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे लगा रही है। इसने हमारा खून बहाया है, अमेरिकियों की हत्या की है और अपने ही लोगों का नरसंहार किया है।”
- नेतन्याहू ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि इस आतंकवादी शासन को किसी भी कीमत पर ‘परमाणु हथियार’ (Nuclear Weapons) जुटाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, क्योंकि यह पूरी मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाएगा।