नई दिल्ली स्टेशन की घटनाओं से सबक लेते हुए रेलवे ने शिवरात्रि के स्नान को सफल करनेके लिए अपनी तैयारियों को दिया अंतिम रूप

प्रयाग आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से स्नान कर वापस अपने गंतव्य को भेजने के लिए तत्पर रेलवे ने उनके सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी न हो इसका पूरा ध्यान रखा है।
इस विषय पर जानकारी देते हुए मुख्य जनसंपर्क अधिकारी उत्तर मध्य रेलवे श्री त्रिपाठी ने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज डिवीजन में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरीके से एक नए सुरक्षा व्यवस्था की संरचना की है। आगामी होने वाले 26 फरवरी के अमृत स्नान को लेकर जहां तैयारी पूरी कर दी गई है, वहीं सुरक्षा व्यवस्था के लिए 6000 से ज्यादा आरपीएफ और आरपीएससी के जवान तैनात है। राजकीय रेलवे सुरक्षा बल के 14000 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। यह जवान पूरे रेलवे स्टेशन परिसर के विभिन्न स्थानों जैसे पुट ओवर ब्रिज एंट्री और एग्जिट प्वाइंट स्टेशन परिसर प्लेटफॉर्म के साथ-साथ खोया पाया शिविर में तैनात किए गए हैं। जिसके कारण अभी तक 500 से ज्यादा लोगों को उनके परिवार के साथ मिलने का काम रेलवे ने किया है। एआई सुरक्षा व्यवस्था की बात करे तो 1186 सीसीटीवी कैमरे पूरे स्टेशन परिसर में लगाए गए हैं, और इसके साथ साथ अत्याधुनिक वेपन आइडेंटी और डेडीकेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अपराधियों और उनके द्वारा लाई जाने वाले हथियारों को चिन्हित करने का कार्य भी किया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार की कोई अनहोनी घटना घटित न हो सके। डॉग स्क्वायड की कई टीम और बम स्क्वॉड की टीमों को आने वाले सामानों की तलाशी के लिए रखा गया है, ताकि कोई अवांछनीय वास्तु रेलवे की सहायता से लाया या भेजो ना जा सके।
रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के लिए कटिबंध है और रेलवे से ऐसे यात्री भी यात्रा करते हैं जो की उम्र दराज है, ऐसे यात्रियों के लिए आरपीएससी और जीआरपी के कई जवानों को सीपीआर देने की ट्रेनिंग दी गई है ताकि चिकित्सीय सुविधाओं को भी जल्द से जल्द श्रद्धालुओं तक पहुंचा जा सके। आगामी होने वाले 26 फरवरी के अमृत स्नान को लेकर रेलवे पूरी तरीके से तैयार है और अनुमान यह है कि जिस प्रकार प्रतिदिन 14 से 15 लाख श्रद्धालु रेलवे की सहायता से प्रयागराज आ रहे हैं,ऐसे में अमृत स्थान के दिन रेलवे 50 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं को अपनी सेवाएं दे पाएगा।

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