नई दिल्ली: यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ साइन करने के बाद अब भारत की नजरें दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका पर टिक गई हैं. विदेश मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने संकेत दिया है कि भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से अटकी ‘ट्रेड डील’ पर जल्द ही मुहर लग सकती है. खबर है कि दोनों देशों के बीच 500 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य को लेकर बातचीत निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है और बहुत जल्द देशवासियों को एक और बड़ी खुशखबरी मिल सकती है.
बातचीत में ‘बहुत महत्वपूर्ण’ प्रगति, बस औपचारिकता बाकी
बुधवार (28 जनवरी 2026) को सूत्रों ने पुष्टि की कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर बातचीत में ‘बहुत महत्वपूर्ण’ प्रगति हुई है. दोनों पक्ष अब इस डील को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं. एक सूत्र ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, ‘इस दिशा में कोशिश चल रही है. हम आशा करते हैं कि बातचीत के सकारात्मक परिणाम आएंगे.’ बताया जा रहा है कि मुख्य मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और अब केवल तकनीकी काम और कुछ औपचारिकताओं को पूरा करना बाकी है.
ट्रंप के ‘टैरिफ वॉर’ के बीच राहत की उम्मीद
यह खबर ऐसे समय में आई है जब भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में तनाव देखा जा रहा था. गौरतलब है कि पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत तक का भारी-भरकम टैरिफ लगा दिया था. इसमें रूसी तेल खरीदने के लिए 25 प्रतिशत की ‘पेनल्टी’ भी शामिल थी. इमीग्रेशन और अन्य मुद्दों पर भी तनातनी थी, लेकिन ताजा घटनाक्रम संकेत दे रहे हैं कि भारत को टैरिफ के मोर्चे पर बड़ी राहत मिल सकती है.
यूरोप ही नहीं, अमेरिका भी है जरूरी
सूत्रों ने इस धारणा को खारिज कर दिया कि भारत-ईयू एफटीए अमेरिका की शुल्क नीति के जवाब में उठाया गया कदम है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार भी उतना ही अहम है जितना यूरोपीय बाजार. भारत की रणनीति दोनों महाशक्तियों को निर्यात बढ़ाकर देश में रोजगार और विनिर्माण (Manufacturing) को बढ़ावा देने की है.
2030 तक 500 अरब डॉलर का है टारगेट
भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने पहले ही संकेत दिया था कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले पड़ाव की घोषणा जल्द कर दी जाएगी. इस मेगा डील का अंतिम लक्ष्य भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान के 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर साल 2030 तक 500 अरब डॉलर तक ले जाने का है.