नई दिल्ली/ब्रसेल्स: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच आखिरकार वह ऐतिहासिक समझौता हो गया है, जिसका इंतजार पूरी दुनिया कर रही थी. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर मुहर लगते ही यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ यानी सभी समझौतों की जननी करार दिया है. उन्होंने दुनिया को संदेश दिया है कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है और भारत-EU की रणनीतिक साझेदारी में यह महज एक शुरुआत है. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस समझौते को दोनों क्षेत्रों के लिए सुनहरे अवसरों का द्वार बताया है.
‘आज हमने इतिहास बना दिया’- उर्सुला वॉन डेर लेयेन
इस ऐतिहासिक समझौते के बाद यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी खुशी जाहिर की. उन्होंने लिखा, ‘आज यूरोप और भारत इतिहास बना रहे हैं. हमने ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ को पूरा कर लिया है. दो अरब लोगों के लिए एक मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाया गया है, जिससे दोनों पक्षों को फायदा होगा. यह तो बस शुरुआत है. हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेंगे.’
पीएम मोदी ने बताया- क्यों खास है यह डील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ‘भारतीय ऊर्जा सप्ताह’ को ऑनलाइन संबोधित करते हुए देशवासियों को इस बड़ी उपलब्धि की जानकारी दी. उन्होंने कहा, ‘मैं आपको एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में बता रहा हूं. कल भारत और यूरोप के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है.’ पीएम मोदी ने बताया कि यह समझौता कितना विशाल है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह वैश्विक जीडीपी के करीब 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के एक तिहाई हिस्से को कवर करता है.
टेक्सटाइल और ज्वेलरी सेक्टर के लिए खुल गया खजाना
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस समझौते से सिर्फ यूरोप ही नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के लिए भी प्रगति के नए रास्ते खुलेंगे. उन्होंने कहा कि यह डील भारत के विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र को बुलेट ट्रेन की रफ्तार देगी और सर्विस सेक्टर का दायरा बढ़ाएगी. पीएम मोदी ने खास तौर पर उन सेक्टर्स का जिक्र किया जिन्हें बंपर फायदा होगा. उन्होंने वस्त्र उद्योग (Textile), रत्न एवं आभूषण (Gems & Jewellery), चमड़ा और जूते-चप्पल जैसे क्षेत्रों से जुड़े युवाओं और व्यापारियों को विशेष बधाई दी.
निवेशकों का भारत पर भरोसा होगा और मजबूत
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि ब्रिटेन और EFTA के बाद अब EU के साथ हुए इस समझौते से वैश्विक सप्लाई चेन मजबूत होगी. उन्होंने कहा कि इससे दुनिया भर के बड़े निवेशकों और व्यवसायों का भारत पर भरोसा कई गुना बढ़ जाएगा. भारत अब हर क्षेत्र में ग्लोबल पार्टनरशिप के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है.