गोरखपुर में CM योगी का बड़ा ऐलान, शिक्षामित्रों का बढ़ाया मानदेय, सम्मान समारोह में दी कई सौगातें

Yogi Adityanath ने मंगलवार (5 मई) को गोरखपुर में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय शिक्षामित्र सम्मान समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने शिक्षामित्रों को सम्मानित करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं और पिछली सरकारों पर जमकर निशाना साधा।

18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय का ऐलान

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद शिक्षामित्रों का मानदेय 3,500 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया था। अब इसे और बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है, जो अप्रैल महीने से लागू भी हो चुका है। उन्होंने बताया कि यह फैसला लंबे समय से चली आ रही मांगों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

पिछली सरकारों की नीतियों पर सवाल

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले की सरकारों ने बिना नियम-कानून के शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक बनाने का प्रयास किया, जो पूरी तरह नियम-विरुद्ध था। इसी कारण सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सेवाएं समाप्त करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि उस समय लाखों परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया था, जिसे उनकी सरकार ने संभाला।

संवाद और सहयोग से समाधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने टकराव की बजाय संवाद और सहयोग के जरिए शिक्षामित्रों की समस्याओं का समाधान किया। उन्होंने शिक्षामित्रों से अपील की कि वे नकारात्मक सोच छोड़कर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं और बच्चों के बेहतर भविष्य के निर्माण में योगदान दें।

स्वास्थ्य सुरक्षा और अन्य सुविधाएं

सीएम योगी ने शिक्षामित्रों के लिए 5 लाख रुपये तक का सालाना कैशलेस स्वास्थ्य कवर देने की बात दोहराई। साथ ही उन्होंने सभी शिक्षामित्रों के बैंक खाते खुलवाने के निर्देश दिए, ताकि मानदेय सीधे खातों में पहुंचे। महिला शिक्षामित्रों को नजदीकी तैनाती और म्यूचुअल ट्रांसफर की सुविधा भी दी जाएगी।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार का दावा

मुख्यमंत्री ने ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत स्कूलों में हुए सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि बुनियादी सुविधाएं 30-36% से बढ़कर 96-99% तक पहुंच गई हैं। ड्रॉपआउट दर 19% से घटकर 3% रह गई है। उन्होंने बताया कि अब छात्रों को यूनिफॉर्म, किताबें, जूते, मोजे और अन्य सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

योजनाओं का विस्तार और नई पहल

उन्होंने निपुण भारत, पीएम श्री, कस्तूरबा गांधी विद्यालय और अटल टिंकरिंग लैब जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की बात कही। साथ ही ‘अरुणोदय’ कैलेंडर का विमोचन किया, जिसका उद्देश्य छात्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है।

शिक्षामित्रों से खास अपील

मुख्यमंत्री ने ‘स्कूल चलो’ अभियान को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि हर बच्चे को स्कूल तक लाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षामित्रों से कहा कि वे बच्चों को प्यार और प्रेरणा के साथ पढ़ाएं और अभिभावकों को भी जागरूक करें।

शिक्षामित्रों का सम्मान और कार्यक्रम में मौजूदगी

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 1,43,000 शिक्षामित्रों को बधाई दी और चयनित शिक्षामित्रों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें गोरखपुर सांसद Ravi Kishan भी शामिल रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *