PM मोदी की अपील का असर! गोवा सरकार ने कर्मचारियों की विदेश यात्राओं पर लगाई रोक, CM ने भी घटाया काफिला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत रखने की अपील के बाद अब गोवा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की अगुवाई वाली सरकार ने सरकारी खर्च कम करने के लिए कर्मचारियों और अधिकारियों की सभी आधिकारिक विदेश यात्राओं पर तत्काल रोक लगा दी है।

गोवा सरकार ने जारी किया बड़ा आदेश

गोवा सरकार ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि सरकारी खजाने से पूरी या आंशिक वित्तीय सहायता पाने वाले कर्मचारियों के सभी आधिकारिक विदेशी दौरे अगली सूचना तक रद्द रहेंगे।

सरकार की ओर से जारी ऑफिस मेमोरेंडम में साफ किया गया है कि पहले से मंजूर विदेश यात्राएं भी तुरंत प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। यह आदेश पूरे राज्य में तत्काल लागू कर दिया गया है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। इसके चलते भारत में ईंधन खपत कम करने और विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रखने को लेकर चिंता बढ़ी है।

इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन की खपत कम करने और फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व मजबूत बनाए रखने में सहयोग की अपील की थी। माना जा रहा है कि गोवा सरकार का यह फैसला उसी दिशा में उठाया गया कदम है।

एक्सपो और ट्रैवल मीट के लिए विदेश जाते थे अधिकारी

गोवा एक प्रमुख पर्यटन राज्य है, इसलिए यहां का टूरिज्म विभाग अक्सर अंतरराष्ट्रीय एक्सपो, ट्रैवल मीटिंग और स्टडी टूर में हिस्सा लेने के लिए अधिकारियों को विदेश भेजता रहा है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कई बार मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी इन कार्यक्रमों में शामिल होते थे, जिससे विदेश यात्राओं पर सरकारी खर्च काफी बढ़ जाता था।

CM प्रमोद सावंत ने भी घटाया सुरक्षा काफिला

मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने खुद भी ईंधन बचत को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अपने सुरक्षा काफिले में आधे से ज्यादा कटौती कर दी है।

इसके अलावा उन्होंने पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ने राज्य में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।

गोवा में बढ़ेगा EV इकोसिस्टम

सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि गोवा का कार्बन फुटप्रिंट भी कम किया जा सकेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दूसरे राज्य भी इसी तरह के कदम उठाते हैं तो इससे ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण दोनों में मदद मिल सकती है।

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